एंगेला मर्केल फिर बनी चांसलर

  • 28 अक्तूबर 2009
एंगेला मर्केल
Image caption जर्मनी के चांसलर पद पर दोबारा चुनी गई एंगेला मर्केल

एंगेला मंर्केल ने जर्मनी के चांसलर पद की शपथ लेकर अपना दूसरा कार्यकाल संभाल लिया है.

एंगेला मर्केल की क्रिश्चियन डैमोक्रैटिक पार्टी को सितंबर के चुनावों में जीत मिली थी.

बुधवार को संसदों ने औपचारिक तौर पर उन्हें चांसलर चुन लिया. 323 सांसदों ने एंगेला मर्केल के पक्ष में मत दिया, जबकि 285 ने उनके ख़िलाफ़ वोट दिया और चार सांसदों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया.

जर्मनी में दक्षिण मध्यमार्गी नई गठबंधन सरकार को शपथ दिला दी गई है, इस गठबंधन मे क्रिश्चियन डैमोक्रैट्स सीडीयू / सीएसयू और फ्री डैमोक्रैट्स यानि एफडीपी शामिल हैं.

माना जा रहा है कि दूसरी बार जर्मनी की चांसलर बनने के बाद एंगेला मर्केल आर्थिक विकास की रफ्तार बढाने के लिए करों में कटौती का वही विवादित पैकेज लेकर आएंगी, जिस पर जर्मनी के विपक्षी दलों सहित कुछ क्षेत्रीय गवर्नर पहले ही एतराज़ जता चुके हैं.

इस पैकेज के आलोचकों का मानना है कि करों में कटौती के इस विवादित पैकेज को ऐसे समय पेश करना सही नहीं होगा जबकि जर्मनी को 1.5 खरब यूरो का सालाना बजट घाटा उठाना पड़ रहा है.

इस पैकेज के अलावा स्वास्थ्य सेवाओं में भी व्यापक सुधार की मर्केल की योजना है.

बर्लिन से बीबीसी संवाददाता का कहना है कि पिछली बार सन 2005 में चांसलर के पद पर एंगेला मर्केल की स्थिति थोड़ी कमज़ोर थी, जब उन्हें मध्य वामपंथियों के साथ सत्ता में भागीदारी करनी पड़ी थी.

लेकिन संवाददाता के मुताबिक इस बार स्थितियां इसलिए भिन्न होंगी क्यों कि मर्केल ने एक तो अपनी राजनीतिक साख काफ़ी मज़बूत कर ली है, दूसरे उन्हें अपने मनपसंद गठबंधन यानि लिबरल्स के साथ काम करने का मौक़ा मिला है.

एंगेला मर्केल के सामने अब चुनौती ये है कि उनकी स्थिति भले ही इस बार मज़बूत हुई हो, लेकिन जर्मनी की अर्थव्यवस्था पिछले 4 सालों के मुकाबले इस बार काफ़ी कमज़ोर हुई है.

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