अमरीकी सैलानी फैला रहे हैं स्वाइन फ़्लू

  • 1 नवंबर 2009
Image caption फ़िदेल कास्त्रो

क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति फ़िदेल कास्त्रो ने कहा है कि क्यूबा में स्वाइन फ़्लू की जड़ अमरीकी पर्यटक हैं. कास्त्रो ने शनिवार को सरकारी प्रेस के ज़रिए बताया है कि देश में आ रहे अमरीकी सैलानी स्वाइन फ़्लू फैला रहे हैं.

उन्होंने कहा कि इस साल जब से अमरीकी सरकार ने अपने नागरिकों को क्यूबा की यात्रा करने पर लगे प्रतिबंध में छूट दी है तभी से देश में स्वाइन फ़्लू का प्रकोप बढ़ा है.

कास्त्रो ने यह भी कहा कि अमरीकी नागरिक क्यूबा में स्वाइन फ़्लू तो फैला रहे हैं लेकिन अमरीकी प्रशासन क्यूबा पर लगे व्यापारिक प्रतिबंध नहीं हटा रहा है. और क्यूबा में स्वाइन फ़्लू की दवा का आयात नहीं हो सकता है.

अभी हाल में राष्ट्रपति बराक ओबामा ने क्यूबा मूल के अमरीकी नागरिकों को अपने सगे संबंधियों से मिलने के लिए क्यूबा जाने की छूट दी थी. कास्त्रो ने एक तरह से राष्ट्रपति ओबामा की इस नीति पर सवाल उठाया है.

कास्त्रो ने कहा, कि स्वाइन फ़्लू के वायरस एच1एन1 का प्रकोप क्यूबा के उन प्रान्तों में सबसे ज़्यादा है जहाँ से ज़्यादातर लोग अमरीका जाकर बस गए हैं.

हालाकि कास्त्रो ने अपने लेख में यह भी कहा, 'मैं यह नहीं कह रहा हूँ कि अमरीकी प्रशासन ने जानबूझ कर ऐसा किया है. लेकिन क्यूबा पर लगे बेबुनियाद और शर्मनाक प्रतिबंधों की वास्तविकता यही है.'

क्यूबा में स्वाइन फ़्लू के अब तक 800 मामले सामने आए हैं जिनमें सात की मौत भी हो चुकी है. और ऐसे सभी मामले विदेशी पर्यटकों में ही पाए गए हैं.

विश्व स्वास्थ्य संगठन की प्रमुख मारग्रेट चैन ने पिछले हफ़्ते क्यूबा की राजधानी हवाना का दौरा किया था. और कहा था कि एक महीने के भीतर क्यूबा में स्वाइन फ़्लू के टीके मिलने शुरू हो जाएंगे.

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