सिख दंगों पर ब्रिटेन में चर्चा

फ़ाइल फ़ोटो
Image caption 1984 के सिख विरोधी दंगों के कारण बड़ी संख्या में सिख परिवार विस्थापित हुए

ब्रिटेन की संसद परिसर में एक फ़िल्म के ज़रिये 25 साल पहले दंगों का शिकार हुए सिखों के दुख-दर्द को दिखाया जाएगा. इस फ़िल्म का प्रदर्शन चार नवंबर को होगा.

ये फ़िल्म सिख विरोधी दंगों के 25 साल पूरे होने के मौके पर सर्वदलीय मानवाधिकार संगठन की ओर से दिखाई जा रही है.

'विडो कॉलोनी' नामक इस फ़िल्म का निर्देशन हरप्रीत कौर ने किया है.

फ़िल्म के प्रदर्शन के बाद इस मुद्दे पर आम चर्चा भी होगी, जिसमें सांसद एन क्वायड, टाइम्स ऑफ़ इंडिया के वरिष्ठ संपादक मनोज मित्ता और एमनेस्टी इंटरनेशनल के बिक्रमजीत बत्रा के अलावा कई हस्तियाँ मौजूद रहेंगी.

फ़िल्म की कहानी उन महिलाओं पर केंद्रित है जो नवंबर 1984 के सिख विरोधी दंगों में विधवा हो गईं थीं और दंगों में उनका सब कुछ तबाह हो गया था. फ़िल्म में दिखाया गया है कि किस तरह उन्होंने न्याय और आजीविका के लिए संघर्ष किया.

31 अक्टूबर 1984 को भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या उनके ही सिख अंगरक्षकों ने कर दी थी. इसके बाद राजधानी दिल्ली समेत पूरे भारत में सिख विरोधी दंगे हुए, जिसमें हज़ारों सिख दंगों की भेंट चढ़ गए और भारी संख्या में सिख परिवार विस्थापित भी हुए.

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