मलेशिया में 'अल्लाह बाइबल' पर रोक

मलेशिया की सरकार ने ऐसे दस हज़ार बाइबल को जारी करने से मना कर दिया है जिनमें अल्लाह शब्द का प्रयोग किया गया है.

सरकार में मुस्लिम लोगों ज़्यादा हैं. सरकार का कहना है कि अल्लाह शब्द इस्लामिक है और अगर बाइबल में इसका प्रयोग होता है तो मुस्लिम समुदाय नाराज़ हो सकता है.

रोमन कैथलिक चर्च इस प्रतिबंध को अदालत में चुनौती दे रहा है. मलेशिया में धर्म बेहद संवेदनशील मु्द्दा है. वहाँ दो-तिहाई जनसंख्या मुसलमान हैं.

अल्पसंख्यक समुदाय का आरोप है कि सरकार उनके अधिकारों को नज़रअंदाज़ कर रही है. मार्च में भी मलेशिया सरकार ने इस तरह के बाइबल की पांच हज़ार प्रतियाँ ज़ब्त की थी जो इंडोनेशिया से लाई गईं थी.

चर्च के अधिकारियों का कहना है, "अल्लाह शब्द मूलत अरबी भाषा का है. मलेशिया के लोग सदियों से इसका इस्तेमाल भगवान को संबोधन के लिए करते आए हैं. इस्लाम के आने से पहले ही अरबी बोलने वाले ईसाई अल्लाह शब्द का प्रयोग करते रहे हैं."

क्रिसचियन फ़ेडरेशन ऑफ़ मलेशिया का कहना है कि अगर लोग उस भाषा में बाइबाल नहीं पढ़ सकते जो भाषा वे बोलते हैं, तो धार्मिक आज़ादी का कोई मतलब नहीं है.

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