'पहले से कोई राय नहीं बनाएँ'

  • 6 नवंबर 2009
मेजर निदाल हसन
Image caption हमलावर मेजर निदाल हसन को धार्मिक प्रवृति का माना जाता है

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने देशवासियों से अपील की है कि वे टेक्सस की सैनिक छावनी में 13 लोगों को मौत के घाट उतारने वाले सैनिक के उद्देश्यों के बारे में पहले से कोई राय नहीं बनाएँ.

उन्होंने कोई पूर्व धारणा बनाने से पहले लोगों से जाँच कार्य पूरा होने का इंतज़ार करने को कहा है.

गुरुवार को फ़ोर्ट हुड सैनिक छावनी में मेजर निदाल मलिक हसन ने अंधाधुंध गोलीबारी कर 12 सैनिकों समेत 13 लोगों की जान ले ली थी. इस हमले में 30 से ज़्यादा अन्य व्यक्ति घायल भी हुए हैं.

उल्लेखनीय है कि फ़ोर्ट हुड अमरीका की सबसे बड़ी सैनिक छावनी है. क़रीब 850 वर्ग किलोमीटर इलाक़े में फैली इस छावनी में 40 हज़ार से भी ज़्यादा सैनिक रहते हैं.

सैनिक छावनी में तैनात एक असैनिक पुलिस अधिकारी की गोली से घायल होने के बाद हमलावर मेजर हसन पर क़ाबू पाया जा सका. इस समय एक अस्पताल में उसका उपचार चल रहा है.

बताया जा रहा है कि वह अमरीका में ही पला-बढ़ा धार्मिक प्रवृति का मुसलमान है. फ़ोर्ट हुड में उसकी तैनाती एक मनोचिकित्सक के रूप में की गई थी.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गोलीबारी शुरू करने से पहले मेजर हसन ने 'अल्लाहो अकबर' का नारा लगाया था.

राष्ट्रीय ध्वज झुके रहेंगे

एक सैनिक अधिकारी ने बताया कि मेजर हसन की शीघ्र ही अफ़ग़ानिस्तान में तैनाती होने वाली थी. वह इस नियुक्ति से नाख़ुश था.

फ़ोर्ट हुड में इराक़ और अफ़ग़ानिस्तान की तैनाती से लौटे सैनिक बड़ी संख्या में रहते हैं. उनमें से बहुतों को अत्यधिक मानसिक तनाव की शिकायत रहती है. ख़बरों के अनुसार सिर्फ़ इस साल ही वहाँ 10 जवान आत्महत्या कर चुके हैं.

राष्ट्रपति बराक ओबामा ने शुक्रवार को कहा कि मेजर हसन के हाथों मारे गए लोगों के परिजनों के साथ-साथ पूरा अमरीका शोक संतप्त है.

उन्होंने 11 नवंबर तक व्हाइट हाउस समेत तमाम संघीय कार्यालयों पर राष्ट्रीय ध्वज को आधा झुका रखने का आदेश दिया है. उल्लेखनीय है कि 11 नवंबर को भूतपूर्व सैनिक दिवस के रूप में मनाया जाता है.

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