गन्ना किसानों ने किया चक्का जाम

  • 10 नवंबर 2009
किसान आंदोलन
Image caption पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों का आंदोलन

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में सोमवार को राष्ट्रीय लोकदल और भारतीय किसान यूनियन ने गन्ने के न्यूनतम समर्थन मूल्य बढाने की मांग को ले कर चक्का जाम किया.

इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ- साथ उत्तरांचल को राजधानी दिल्ली से जोड़ने वाले रास्तों पर यातायात ठप्प हो गया और कई जगह मुठभेड़ें भी हुई हैं.

भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने बीबीसी को बताया है कि वो गन्ने के समर्थन मूल्य को मौजूदा 165 रुपये प्रति क्विंटल से बढा कर 280 रूपये करने की मांग कर रहे हैं.

उन्होंने मांग की है कि सरकार उत्तर प्रदेश के लगभग चालीस लाख गन्ना उत्पादक किसानों के इस मुद्दे को सुलझाने के लिए उनसे बात करे.

लखनऊ में एक पत्रकार सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के केबिनेट सचिव शशांक शेखर सिंह ने गन्ने की कीमत बढाने के मामले को केंद्र सरकार के पाले में डालते हुए कहा है कि राज्य सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं बढाएगी और इस मुद्दे को केंद्र सरकार को निपटाना चाहिए.

भारतीय किसान युनियन और राष्ट्रीय लोकदल के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली से मेरठ और मेरठ से देहरादून जाने वाले प्रमुख राजमार्ग पर कई जगहों पर अवरोध खड़े किए, कई जगहों पर गन्नों के ढेर लगा कर आग लगा दी.

इसके चलते पूरे क्षेत्र में जनजीवन प्रभावित हुआ है. इस राजमार्ग पर कई गाड़ियां घंटों से फंसी रहीं. मेरठ शहर में आंदोलनकारियों और आम लोगों के बीच झड़पों के भी समाचार मिले हैं.

मेरठ के व्यापारी संघ ने हड़ताल का समर्थन नहीं किया है जिसके चलते दुकानें खुली रहीं लेकिन शिक्षा संस्थान बंद रहे.

किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि अगर सरकार उनसे बात करने को तैयार नहीं होती है तो किसान सड़कों पर उतरेंगे और बाहरी राज्यों से उत्पाद लाने वाली गाड़ियों को भीतर घुसने नहीं दिया जाएगा.

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