मंत्री ने अधिकारी को जड़ा तमाचा

दुर्गा प्रसाद भंडारी
Image caption दुर्गा प्रसाद भंडारी मंत्री की माफ़ी का इंतज़ार कर रहे हैं

नेपाल की एक मंत्री के एक ज़िला अधिकारी को थप्पड़ मारने की घटना के विरोध में नेपाल के दक्षिणी ज़िले के स्थानीय सरकारी कार्यालय बुधवार को बंद रखे गए.

कृषि और सहकारिता राज्य मंत्री करीमा बेगम ने अधिकारी को इसलिए मारा क्योंकि उन्होने हवाई अड्डे से उन्हे लिवा लाने के लिए नई कार नहीं भेजी.

करीमा बेगम कल दक्षिणी नगर बीरगंज की यात्रा पर आई थीं और प्रमुख ज़िला अधिकारी दुर्गा प्रसाद भंडारी उनकी आवभगत के लिए पंक्ति में खड़े थे.

लेकिन जब मंत्री ने भंडारी के एक के बाद एक पांच थप्पड़ रसीद किए तो वो भौंचक्के रह गए. उन्होने पत्रकारों से कहा, "मेरे मुंह से एक शब्द तक नहीं निकला."

'कौन बड़ा है'

करीमा बेगम ने अपनी नाराज़गी का कारण बताते हुए कहा कि उन्हे इस बात की जानकारी थी कि ज़िला प्रशासन के पास नई महिंद्रा स्कॉर्पियो एसयूवी गाड़ी थी और वो उम्मीद कर रही थीं कि वही गाड़ी उन्हे लाने के लिए भेजी जाएगी.

मंत्री ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि नई कार न भेजना आदर का अभाव दिखाता है. उन्होने सवाल किया, "कौन बड़ा है मंत्री या ज़िला अधिकारी?"

दुर्गा प्रसाद भंडारी ने कहा कि उन्होने मंत्री को समझाया कि उनका व्यवहार उनके पद की गरिमा के विरुद्ध है लेकिन इससे वो और नाराज़ हो उठीं और उन्होने अधिकारी का चश्मा तोड़ डाला.

लेकिन दुर्गा प्रसाद भंडारी ने आदर भाव न दिखाने के आरोप से इनकार करते हुए कहा कि उन्हे नई कार इसलिए नहीं भेजी गई क्योंकि उस समय वो उपलब्ध नहीं थी.

इस घटना के बाद बुधवार को ज़िले के सरकारी कार्यालय और सरकारी बैंक बंद कर दिए गए. सरकारी कर्मचारियों के संगठनों के एक समूह ने एक संयुक्त वक्तव्य जारी किया है जिसमें कहा गया है कि कार्यालय तब तक बंद रहेंगे जब तक मंत्री माफ़ी नहीं मांगतीं.

मुख्य ज़िला अधिकारी भंडारी ने कहा है कि वो गृह मंत्रालय को इस घटना की जानकारी दे चुके हैं.

गृह मंत्रालय ने एक वक्तव्य में करीमा बेगम के इस दुर्व्यवहार के लिए खेद व्यक्त किया है.

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