फ़ोर्ट हुड के मृतकों को किया याद

अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि टेक्सस में सैन्य अड्डे पर 13 लोगों की गोलीबारी में हुई मौत को कोई भी धर्म उचित नहीं ठहरा सकता.

पिछले हफ़्ते अमरीका के फ़ोर्ट हु़ड सैन्य अड्डे पर गोलीबारी में 13 लोग मारे गए थे. बराक ओबामा ने कहा है कि ये बहुत दुखदायी है कि अमरीकी धरती पर ऐसी घटना हुई. वे मृतकों के लिए आयोजित स्मृति सभा में बोल रहे थे.

मेजरल निदाल मलिक हसन पर आरोप है कि उन्होंने फ़ोर्ट हुड में गोलियाँ चलाई थीं. पुलिस ने भी उन पर गोलियाँ दागी थीं जिसके बाद से वे अस्पताल में हैं.

अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसियों का कहना है कि उन्हें जानकारी दी कि मेजर हसन एक ऐसे मौलवी के साथ संपर्क में थे जो अल क़ायदा के प्रति सहानुभूति रखता है.

जाँच

मेजर हसन अभी तक पूछताछ के लिए राज़ी नहीं हुए हैं.

सीनेट समिति ने सोमवार को कहा है कि वो इस मामले की पूरी जांच करेगी और अगले हफ़्ते सार्वजनिक सुनवाई होगी.

समिति के अध्यक्ष सीनेटर जो लाइबरमैन ने कहा है कि इस बात को नकारा नहीं जा सकता कि मेजर हसन कट्टरवादी विचारधारा वाले हो सकते हैं और अमरीकी सेना में काम कर रहे मुस्लिमों के प्रति कोई विशेष रवैया नहीं अपनाया जाएगा.

एफ़बीआई के अगुवाई वाले दल का कहना है कि येमन में आधारित अनवर अल अवलाकी ने मेजर हसन से 10 से 20 बार संपर्क किया था.

लेकिन फिर ये फ़ैसला किया गया कि इस बारे में और जांच की ज़रूरत नहीं है क्योंकि ई-मेल को पढ़कर ये नहीं लगा कि इसमें हिंसा की बात है.

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