ओबामा दुनिया के सबसे प्रभावशाली नेता

  • 13 नवंबर 2009
बराक़ ओबामा
Image caption दुनिया के सबसे ताक़तवर नेता

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को दुनिया का सबसे प्रभावशाली व्यक्ति करार दिया जाना शायद कोई हैरत की बात नहीं है.

लेकिन प्रतिष्ठित फ़ॉर्ब्स पत्रिका की दुनिया के सबसे ताकतवर व्यक्तियों की इस सूची में भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उनके साथ साथ अल क़ायदा के नेता ओसामा बिन लादेन और माफ़िया सरगना दाउद इब्राहीम भी शामिल हैं.

फ़ॉर्ब्स ने दुनिया के सबसे ताकतवर 67 लोगों की सूची में जहां पहले स्थान पर नोबेल शांति पुरस्कार विजेता बराक ओबामा को रखा है तो दूसरे नंबर पर चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओं हैं और तीसरे नंबर पर हैं रूस के प्रधानमंत्री व्लीदिमीर पुतिन.

भारतीय नेता

फ़ॉर्ब्स की सूची में भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह दुनिया के सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची में 36 वें स्थान पर हैं तो उनके ठीक पीछे हैं अल क़ायदा के नेता और अमरीका में ग्यारह सितंबर के हमलों के सूत्रधार माने जाने वाले ओसामा बिन लादेन.

1993 में मुंबई बम धमाकों में अभियुक्त और माफ़िया सरगना दाउद इब्राहीम भी ख़ास पीछे नहीं है. उनका नंबर 50वां है.

फ़ॉर्ब्स की सूची में भारतीय उद्योगपति मुकेश अंबानी, रतन टाटा और भारतीय मूल के लक्ष्मी मित्तल भी शामिल है. मुकेश अंबानी 44वें स्थान पर हैं तो रतन टाटा 59 वें स्थान पर.

चयन का आधार

फ़ॉर्ब्स पत्रिका का कहना है कि इन नेताओं का चयन किसी एक क्षेत्र में नहीं बल्कि दुनिया के अनेक क्षेत्रों में उनके प्रभाव के आधार पर किया गया है.

बराक ओबामा को पहले स्थान पर रखने की वजह देते हुए फ़ॉर्ब्स पत्रिका ने लिखा है कि वो दुनिया के सैनिक और आर्थिक दृष्टि से सबसे बड़े देश के नेता हैं.

हू जिंताओ के बारे मे कहा गया है कि वो दुनिया की सबसे बड़ी आबादी के नेता हैं और उन्होंने चीन को आर्थिक संकट से बचाने में बड़ी भूमिका निभाई.

सबसे रोचक और साथ काफ़ी हद तक नकारात्मक वजहे व्लादीमीर पुतिन के बारे में है. पत्रिका कहती है व्लादीमीर पुतिन को रूस का जार या सम्राट भी कहा जा सकता है.

वो कभी अपनी ताक़त का इस्तेमाल करने से नहीं घबराते और न ही जॉर्जिया पर हमला करने से या पश्चिमी यूरोप और यूक्रेन को गैस सप्लाई काटने से भी नहीं हिचकिचाते.

इस सूची में धार्मिक नेताओं को भी जगह मिली है. पोप बेनिडिक्ट 11 वें तो दलाई लामा 39 वें स्थान पर हैं.

और फ़ॉर्ब्स ने 67 लोगों की सूची क्यों बनायी है... तो इसकी वजह है कि दुनिया के प्रति दस करोड़ लोगों के प्रतिनिधित्व के रूप में एक नेता को चुना गया है.