पूर्व उप-राष्ट्रपति को छह साल की क़ैद

ईरानी नेता आबताही
Image caption ईरान में विवादित चुनाव के बाद हिंसा और मुक़दमे का सिलसिला जारी है

जून में हुए ईरान के विवादित चुनाव के बाद देश में अस्थिरता पैदा करने के आरोप में एक पूर्व ईरानी मंत्री को छह साल की क़ैद की सज़ा हुई है.

मोहम्मद अली अबताही जो कि देश के बड़े सुधारकों में से एक हैं उन्हें गलियों मुहल्लों में चुनाव के ख़िलाफ़ प्रदर्शन को हवा देने के जुर्म में यह सज़ा सुनाई गई है.

विवादित चुनाव में राष्ट्रपति महमूद अहमदिनिजाद की जीत के बाद से देश में भड़की असंतोष की लहर में अब तक पांच लोगों को मौत की सज़ा सुनाई गई है जबकि लगभग 80 लोगों को कारावास की सज़ा सुनाई गई है.

विपक्ष के नेता मीर हुसैन मूसावी ने सरकार से अपने आप पर काबू रखने के लिए कहा है.

कहा जाता है कि उन्होंने अपने कलेमा वेबसाइट पर कहा है, सरकार को लोगों को डराना नहीं चाहिए कि वे अपना रास्ता बदल दें.

मूसावी अमहदिनिजाद को राष्ट्रपति पद के लिए टक्कर दे रहे थे. उन्होंने क़सम खाई है कि वह इस बेईमानी वाले चुनाल के ख़िलाफ़ अपना आंदोलन जारी रखेंगे.

आरोप

उन्होंने कहा, यह आंदोलन जारी रहेगा और हम लोग इसकी क़ीमत चुकाने के लिए तैयार हैं.

Image caption मूसावी ने जून में हुए राष्ट्रपति चुनाव पर धांधली का आरोप लगाया है

आबताही के वकील ने कहा है कि उनके मोवक्किल जो पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद ख़ातमी के काल में उप-राष्ट्रपति रह चुके हैं, उन्हें इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील करने के लिए 20 दिनों का मौक़ा है.

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ईरना ने कहा है कि आबताही और उनके अन्य 100 साथियों के ख़िलाफ़ क्रांतिकारी विद्रोहियों के साथ गठजोड़, फ़साद और सरकारी यंत्र के ख़िलाफ़ साज़िश करने के आरोप लगाए गए हैं.

आबताही ने टीवी पर आकर फ़साद भड़काने को क़बूल किया है लेकिन उनके रिश्तेदारों का कहना है कि यह बयान दबाव में दिया गया है.

ईरान की सबसे बड़ी सुधार पार्टी और मूसावी का समर्थन करने वाली पार्टी मोशारेकत ने इस मुक़दमे की सुनवाई को हास्यस्पद कह कर ख़ारिज कर दिया है.

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