खान दुर्घटना में 87 मज़दूरों की मौत

चीनी खान में धमाका
Image caption चीन की कोयला खदान में अक्सर हादसे होते रहते हैं

चीन के हिलॉंगजियांग प्रांत की एक खदान में हुए विस्फोट में मरने वालों की संख्या 87 पहुंच गई है.

सरकारी संवाद समिति शिन्हुआ के अनुसार शनिवार की सुबह हुए इस विस्फोट के समय खदान में 528 मज़दूर थे.

रूस की सीमा से सटे इस प्रांत की एक सरकारी कोयले की खान में शनिवार पूरे दिन और फिर रात में फँसे हुए मज़दूरों तक पहुँचने की कोशिश होती रही है.

लेकिन ख़राब मौसम और कड़ाके की ठंड के कारण राहत कार्यों में काफ़ी बाधा आई है.

खान के अधिकारियों का कहना है कि कोई 400 मज़दूर खान से निकलने में कामयाब हुए.

चाहे सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ाने के प्रयास किए हैं लेकिन फिर भी चीन की खानें ख़तरनाक बनी हुई हैं और वहाँ इस तरह की घटनाएँ लगातार होती रहती हैं.

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक़ पिछले साल चीन में 3000 से अधिक लोग कोयले की खान में होने वाली दुर्घटनाओं के शिकार हुए थे.

सुरक्षा नियमों की अनदेखी

इस दुर्घटना में घायल हुए अनेक लोगों को हेगांग माइनिंग ब्यूरो अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वहाँ के 800 चिकित्सा कर्मी राहत कार्यों में मदद कर रहे हैं.

एक इलेक्ट्रिशियन 27 वर्षीय वॉंग शिगैंग ने बताया कि जब धमाका हुआ तो उन्होंने खदान में दाख़िल होने की कोशिश की और उन्हें सर में चोट लगी.

उनका कहना था, "मैं बेहोश हो गया. जब मुझे होश आया तो मैंने पाया कि चारों ओर धुँआ ही धुँआ था. लेकिन बचते-बचाते ख़ुद को खींचते हुए मैं अधेरे से निकला और मैंने मदद के लिए आवाज़ लगाई."

इन दुर्घटनाओं के लिए चीन की खदानों में सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को दोषी ठहराया जाता है.

बीबीसी की संवाददाता मिशेल ब्रिस्टो का बीजिंग से कहना है कि चीनी अधिकारियों ने इस समस्या से निपटने के लिए छोटी खानों में काम रोक दिया है.

सरकार का कहना है कि सुरक्षा की स्थिति में सुधार आया है और सरकारी आंकड़ों के मुताबिक़ 2008 में पिछले साल के मुक़ाबले मरने वालों की संख्या में 15 प्रतिशत की गिरावट आई है.

लेकिन बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इसके बावजूद आश्चर्यजनक तौर पर नियमित रूप से दुर्घटनाएं होती रहती हैं.

फ़रवरी में चीन के शांज़ी प्रांत की कोयले की खान में हुए एक विस्फोट में 70 से अधिक मज़दूर मारे गए थे.

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