चीन ने उत्सर्जन कटौती का लक्ष्य रखा

  • 26 नवंबर 2009
उत्सर्जन
Image caption संवाददाताओं के मुताबिक चीन के फ़ैसले से कोई ख़ास फ़र्क नहीं पड़ेगा.

चीन ने पहली बार ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन में कमी लाने का लक्ष्य निर्धारित किया है.

चीन ने ये फ़ैसला ऐसे समय में लिया है जब अगले महीने कोपेनहेगेन में जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र की अगुआई में बड़ा सम्मेलन हो रहा है.

चीन ने कहा है कि वह वर्ष 2020 तक 'कार्बन इंटेनसिटी' में वर्ष 2005 की तुलना में बीस प्रतिशत की कटौती करेगा.

चीन में प्रति इकाई जीडीपी के लिए कार्बन डायऑक्साइड की जितनी मात्रा का उत्सर्जन होता है उसे कार्बन इंटेनसिटी कहते हैं.

संवाददाताओं का कहना है कि इस फ़ैसले का ये मतलब नहीं है कि चीन में कार्बन डायऑक्साइड़ उत्सर्जन के स्तर में कोई भारी कमी आने वाली है.

कोई ख़ास फ़र्क नहीं

बीजिंग स्थित बीबीसी संवाददाता क्वेनटिन समरविले का कहना है कि चीन की अर्थव्यवस्था अभी तेज़ी से बढ़ रही है और अगले दो दशकों में वहां उत्सर्जन सर्वोच्च स्तर पर होगा.

कोपेनहेगेन में सात से 18 दिसंबर के बीच सम्मेलन होगा जिसमें 1997 में हुई क्योटो संधि का विकल्प ढूंढने की कोशिश की जाएगी. हालांकि पर्यवेक्षकों की राय में ऐसा होता हुआ दिखाई नहीं देता.

इस सम्मेलन में चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ भी शामिल होंगे.

चीन के बाद अमरीका दुनिया में ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन करने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश है.

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी कहा है कि उनका देश 2005 की तुलना में वर्ष 2020 तक कार्बन उत्सर्जन में 17 प्रतिशत कटौती करेगा.

हालाँकि ये पेशकश यूरोपीय संघ, जापान और संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञों की उम्मीदों से कम है जो चाहते थे कि कटौती के लिए 1990 को आधार वर्ष बनाया जाए.

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