ज़ैदी पर भी चला जूता

मुंतज़र अल ज़ैदी
Image caption बुश पर जूता फेक कर ज़ैदी चर्चा में आए

इराक़ के मुंतज़र अल ज़ैदी नाम के जिस पत्रकार ने पूर्व अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश पर जूता फेंका था उन पर भी पेरिस में जूता फेंका गया है.

एक पत्रकार सम्मेलन में जब ज़ैदी ने युद्ध में हताहत हो रहे इराक़ियों की बात की तब निर्वासन में रहने वाले एक इराक़ी पत्रकार ने उन पर जूता फेंका. हालांकि ज़ैदी झुक गए जिस वजह से उन्हें चोट नहीं लगी.

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक ज़ैदी पर जूता फेंकने वाले ने अमरीकी नीतियों का समर्थन करते हुए ज़ैदी पर 'इराक़ में तानाशाही' के समर्थन का आरोप लगाया.

सम्मेलन में थोड़ी देर तक धक्कामुक्की हुई जिसके बाद ज़ैदी का कहना था, "अरे, इन्होंने तो मेरी तकनीक चुरा ली."

'इलाज के लिए जिनेवा में'

समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक दर्शकों में मौजूद 'हमलावर' जब भागने की कोशिश कर रहा था तब ज़ैदी के भाई मैथन ने उनका पीछा किया और उन पर जूता फेंका.

दिसंबर 2008 में एक पत्रकार वार्ता में मुंतज़र ज़ैदी ने जॉर्ज बुश पर जूता फेंका था. जूता फेंकते हुए उन्होंने कहा था, "ये इराक़ी लोगों की तरफ़ से आख़िरी सलाम है...ये यतीम बच्चों, विधवाओं और इराक़ में मारे गए लोगों की तरफ़ से है."

मुंतज़र ज़ैदी के इस विरोध के बाद अरब जगत में उन्हें हीरो के समान माना जाने लगा. इसके बाद दुनिया भर में कई जगहों पर राजनीतिक नेताओं पर जूते फेंकने की घटनाएँ हुईं.

जूता फेंकने के दोष में जै़दी नौ महीने की जेल की सज़ा काट चुके हैं.

जेल से रिहाई के बाद ज़ैदी का कहना था कि उन्हें जेल में प्रताड़ित किया गया जिससे उन्हें चोट आई और उनके दाँत टूट गए.

अरब प्रेस क्लब की तरफ़ की आयोजित सम्मेलन में ज़ैदी ने कहा कि आजकल जिनेवा में अपना इलाज करवा रहे हैं.

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