पाकिस्तान में नहीं हैं ओसामाः गीलानी

गॉरडन ब्राउन और यूसुफ़ रज़ा गीलानी
Image caption पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने ब्रिटन के प्रधानमंत्री से कहा है कि ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान में नहीं हैं.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गीलानी ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री से कहा है कि उन्हे नहीं लगता कि ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान में हैं.

ब्रितानी प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन के साथ बातचीत करने के बाद गीलानी ने कहा कि अमरीका ने अल क़ायदा के नेता के बारे में ऐसी कोई ख़ुफ़िया जानकारी पाकिस्तान को नहीं दी है जिसपर क़दम उठाया जा सके.

प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ने आतंकवाद का मुक़ाबला करने के पाकिस्तान के प्रयासों की तारीफ़ की और अफ़ग़ानिस्तान से लगी पाकिस्तान की सीमा के निकटवर्ती क्षेत्रों में स्थिरता लाने में मदद का आश्वासन दिया.

उन्होने पाकिस्तान से ओसामा बिन लादेन को ढूंढने की मांग नहीं दोहराई.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने सुरक्षा मामलों में अमरीकी सहयोग की प्रशंसा की लेकिन कहा कि पाकिस्तान को अमरीका की तरफ़ से ओसामा के बारे में कोई विश्वसनीय जानकारी नहीं मिली है जिसपर अमल किया जा सके.

रणनीति का और ब्योरा मिले

यूसुफ़ रज़ा गीलानी ने अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा की नई अफ़गान रणनीति पर और जानकारी की मांग की जिससे पाकिस्तान उपयुक्त क़दम उठा सके.

उन्होने कहा कि राष्ट्रपति ओबामा ने 30,000 अतिरिक्त सैनिक अफ़ग़ानिस्तान भेजने की योजना पर पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी के साथ बातचीत की थी लेकिन पाकिस्तान को इस बारे में और जानकारी चाहिए.

गीलानी ने कहा, "इस नई रणनीति का हम ध्यानपूर्वक अध्ययन कर रहे हैं. हमने अपने विदेश विभाग के ज़रिए एक वक्तव्य भी जारी किया है और हम यह देखने की कोशिश कर रहे हैं कि हम इसे कैसे लागू कर सकते हैं. इसलिए हमें इस बारे में और जानकारी की दरकार है".

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने ब्रिटेन के सहयोग की प्रशंसा की और कहा कि प्रधानमंत्री ब्राउन यूरोपीय संघ के साथ निशुल्क व्यापार वार्ताएं जल्दी शुरु करने का दबाव डालेंगे.

मिलकर काम करें

दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों की बैठक के बाद आयोजित एक समाचार सम्मेलन में प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ने तालेबान के ख़िलाफ़ पाकिस्तान की लड़ाई की तारीफ़ की और स्वीकार किया कि पाकिस्तान ने आतंकवाद के ख़िलाफ़ चल रही लड़ाई में भारी बलिदान दिया है.

उन्होने पाकिस्तान के सीमावर्ती क्षेत्र में चरमपंथियों के साथ चल रही लड़ाई की चर्चा करते हुए गीलानी से कहा, "ये आपकी लड़ाई है लेकिन ये ब्रिटन की भी लड़ाई है".

उन्होने कहा कि जो आर्थिक सहायता ब्रिटन दे रहा है वो इस इलाक़े में चल रही लड़ाई के कारण विस्थापित हुए लोगों के पुनर्वास, शिक्षा और पुनर्निर्माण में ख़र्च की जाएगी.

प्रधानमंत्री ब्राउन ने इस सीमा क्षेत्र के दीर्घकालिक स्थायित्व के लिए 5 करोड़ पाउंड देने का वादा किया.

उन्होने कहा, "अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान से बहुत अपेक्षाएं रखता है. लेकिन हमें करना ये चाहिए कि मिलकर काम करें और अपने कोशिशें बढ़ाएं".

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