सोशल नेटवर्किंग साइट कितनी कारगर?

इंटरनेट
Image caption फ़ेसबुक जैसी सोशल नेटवर्किंग साइट से लाखों लोग जुड़े हुए हैं

इंटरनेट पर सटीक सूचनाओं के प्रसार का पता लगाने के लिए अमरीकी रक्षा शोध एजेंसी ने एक प्रतियोगिता का आयोजन किया है जिसके तहत लाल रंग के 10 गुब्बारे छोड़े गए हैं.

इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए चार हज़ार से ज़्यादा समूहों ने पंजीकरण करवाया है.

जो समूह सबसे पहले इन गुब्बारों के ठिकानों का पता ठीक-ठीक बता देगा उन्हें 40 हज़ार डॉलर का ईनाम दिया जाएगा.

इन विशालकाय गुब्बारों को अमरीका के जिन स्थानों से छोड़ा गया है उन ठिकानों को गुप्त रखा गया है.

अमरीकी के 'डिफ़ेस एडवांसड रिसर्च प्रोजेक्ट्स एजेंसी' के प्रवक्ता जोहाना जोन्स ने बताया कि इस प्रतियोगिता का उद्देश्य इस बात का पता लगाना है कि क्या फ़ेसबुक और ट्विटर जैसी सोशल नेटवर्किंग साइट को सूचनाओं के लिए विश्वस्त स्रोत के रूप में देखा जा सकता है.

'डिफ़ेस एडवांसड रिसर्च प्रोजेक्ट्स एजेंसी' अमरीकी रक्षा विभाग का एक भाग है.

उल्लेखनीय है कि इस एजेंसी ने इंटरनेट के विकास में प्रभावी भूमिका अदा की थी. अमरीकी सरकार ने किसी भी तरह की आपदा की सूरत में सूचनाओं के प्रसार और जानकारी के लिए इंटरनेट की शुरूआत की थी.

इंटरनेट की शुरुआत के 40 वर्ष बाद अमरीकी एजेंसी इस बात का पता लगाना चाह रही है कि क्या किसी आपदा की सूरत में सोशल नेटवर्किंग साइट का इस्तेमाल अमरीका में लोगों को सतर्क करने के लिए किया जा सकता है.

वर्तमान में सोशल नेटवर्किंग साइट से लाखों लोग जुड़े हुए हैं.

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