काबुल के महापौर को चार साल की सज़ा

  • 7 दिसंबर 2009
हामिद करज़ई
Image caption अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति करज़ई पर भ्रष्टाचार का उन्मूलन करने के लिए पश्चिमी देशों का दबाव पड़ रहा है

अफ़ग़ानिस्तान की एक अदालत ने राजधानी काबुल के महापौर को भ्रष्टाचार के आरोप में चार साल की जेल की सज़ा सुनाई है.

जब ये फ़ैसला सुनाया गया तो मीर अब्दुल अहद सहेबी अदालत में मौजूद नहीं थे. उनका कोई अता पता नहीं है लेकिन उनकी गिरफ़्तारी का वारैंट जारी कर दिया गया है.

उप महान्यायवादी इनायत कमाल ने कहा कि सहेबी पर 16 हज़ार डॉलर से अधिक के सार्वजनिक धन का दुरुपयोग करने के अभियोग हैं.

राष्ट्रपति हामिद करज़ई के दूसरे कार्यकाल का यह पहला महत्वपूर्ण मुक़दमा था. राष्ट्रपति करज़ई पर भ्रष्टाचार का उन्मूलन करने के लिए पश्चिमी देशों का दबाव पड़ रहा है.

इनायत कमाल ने कहा, "अदालत ने सहेबी को चार साल की जेल की सज़ा सुनाई है और उस धन को लौटाने के आदेश दिए हैं जो उन्होने गंवाया. उन्हें अपने पद से भी हटा दिया गया है.''

अभियोक्ताओं ने बीबीसी को बताया कि ये मामला एक अनुबंध से संबंधित है जो बिना सही प्रक्रिया अपनाए दिया गया.

अभियोक्ताओं ने ये भी कहा कि काबुल नगर निगम के अन्य अधिकारियों पर भी कई अभियोग विचाराधीन हैं.

अगस्त में हुए चुनाव में हामिद करज़ई फिर से चुने गए लेकिन इस चुनाव में व्यापक धांधली के आरोप लगे थे.

अमरीका ने राष्ट्रपति करज़ई से आग्रह किया था कि वो भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए ठोस क़दम उठाएं.

राष्ट्रपति ओबामा ने पिछले सप्ताह अफ़ग़ानिस्तान के लिए अपनी नई रणनीति की घोषणा की थी जिसमें 30 हज़ार अतिरिक्त सैनिक अफ़ग़ानिस्तान भेजे जाएंगे. इसके बाद अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी बलों की संख्या एक लाख से अधिक हो जाएगी.

राष्ट्रपति करज़ई ने पद संभालने के बाद भ्रष्टाचार का उन्मूलन करने का वादा किया था लेकिन ये भी कहा था कि पश्चिमी ताक़तें कुछ ज़्यादा ही शिकायतें कर रही हैं.

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