कोपेनहेगन में गहमागहमी तेज़

  • 7 दिसंबर 2009
प्रदूषण
Image caption बैठक में 192 देशों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं.

डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन में जलवायु परिवर्तन पर बहुप्रतीक्षित शिखर बैठक अगले कुछ घंटों में शुरु होने वाली है.

इसमें 192 देशों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं, इस उम्मीद के साथ कि ग्लोबल वार्मिंग को कम करने के लिए ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन में कटौती पर कोई ठोस सहमति बन सके.

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कुछ विश्लेषक तो इसे दुनिया में अब तक की सबसे अहम बैठक बता रहे हैं.

अगले दो हफ़्तों तक कोपेनहेगन पर दुनिया की निगाहें टिकी रहेंगी. इस दौरान सौ से ज़्यादा देशों के राष्ट्राध्यक्ष और लगभग 15 हज़ार प्रतिनिधि जलवायु परिवर्तन की चुनौती पर गहन विचार-विमर्श करेंगे.

उम्मीद बंधी

शिखर बैठक की पूर्व संध्या पर संयुक्त राष्ट्र के मुख्य वार्ताकार वो डे बोए ने कहा कि बातचीत से पहले जो भूमिका तैयार की गई है, उसे देखते हुए काफी उम्मीद है.

उन्होंने बीबीसी से कहा कि अब बहुत सारे देश स्वेच्छा से कार्बन उत्सर्जन में कटौती का लक्ष्य तय कर रहे हैं.

उनका कहना था, "पिछले 17 वर्षों में जलवायु परिवर्तन पर इतने सारे देश कभी एक साथ नहीं आए और न ही उत्सर्जन कटौती का लक्ष्य निर्धारित किया."

उन्होंने कहा कि ग़रीब देशों को ग्रीन टेक्नोलॉजी देने के प्रस्ताव भी दिए जा रहे हैं और इन सबसे उम्मीद बंधी है कि वर्ष 2050 तक कार्बन उत्सर्जन में कटौती के लिए कोई लक्ष्य निर्धारण हो जाएगा.

पहली बार अमरीका ने भी उत्सर्जन में कटौती के संकेत दिए हैं. चीन जैसा देश भी कार्बन इंटेनसिटी में 20 से 25 फ़ीसदी कटौती की बात कर रहा है.

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