अफ़ग़ानिस्तान युद्ध उचित: ओबामा

अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा को नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में गुरुवार को नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है.

अपने भाषण में ओबामा ने कहा कि जिन लोगों को पूर्व में ये पुरस्कार मिल चुका है, उस तुलना में उनकी उपलब्धियाँ फीकी पड़ जाती हैं.

उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान में जारी अमरीकी अभियान की वकालत करते हुए कहा कि कभी-कभी युद्ध ज़रूरी हो जाता है. उनका कहना था कि न्यायपूर्ण युद्ध आख़िरकर न्यायोचित शांति की ओर ले जाता है.

अक्तूबर में घोषणा की गई थी कि अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए शांति नोबेल पुरस्कार बराक ओबामा को दिया जाएगा.

गांधी को याद किया

ओबामा अफ़ग़ानिस्तान में तीस हज़ार अतिरिक्त सैनिक भेजने की घोषणा कर चुके हैं और इसके कुछ दिन बाद ही उन्हें नोबेल दिया गया है.

सैनिक भेजने के फ़ैसले का बचाव करते हुए अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा, "कभी-कभी सैन्य बल का इस्तेमाल सही ही नहीं बल्कि नैतिक स्तर पर भी उचित होता है."

ओबामा ने अपने भाषण में महात्मा गांधी का भी ज़िक्र किया. उन्होंने कहा, "गांधी और मार्टिन लूथर किंग जैसे लोगों ने जो अहिंसा का रास्ता अपनाया था वो शायद हर तरह के हालात में अपनाना मुमकिन न हो लेकिन जिस प्रेम, भाईचारे और प्रगति में उन्होंने आस्था जताई थी, वो जज़्बा हमेशा हमारा मार्गदर्शन करता रहेगा."

ओबामा ने कहा कि युद्ध लड़ने के तौर-तरीकों में अमरीका को एक मानक स्थापित करना होगा ताकि लोग अमरीका की तुलना किसी ऐसी विरोधी ताक़तों से कर सकें जो किसी नियम का पालन नहीं करती.

उन्होंने कहा कि इसीलिए उन्होंने ग्वांतानामो बे बंद करने का फ़ैसला किया. ओबामा ने बताया कि वे रूस के साथ काम कर रहे हैं कि अमरीका और रूस के परमाणु हथियारों को घटाया जा सके

इससे पहले कड़ी सुरक्षा के बीच बराक ओबामा ने पूर्व विजेताओं की नोबेल पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए. उनके साथ मिशेल ओबामा भी हैं.

2009 के लिए ओबामा को नोबेल दिए जाने पर लोगों ने मिश्रित प्रतिक्रिया दी थी.

संबंधित समाचार