नक़ाब वाली टीवी एंकर

टीवी एंकर
Image caption मध्य-पूर्व के देशों क़रीब 60 धार्मिक टीवी चैनल चलते हैं.

आपने किसी टीवी चैनल पर किसी एंकर को सर से पैर तक कपड़े या नक़ाब में ढके हुए नहीं देखा होगा लेकिन सऊदी अरब के एक धार्मिक चैनल अवतान टीवी ने ऐसा ही नियम बनाया है.

इस चैनल की एंकर नकाब पहने हुए नज़र आ रही हैं.

चैनल की कार्यप्रणाली भी थोड़ी अलग है. महिला एंकर जब कार्यक्रम पेश कर रही होती हैं तो स्टूडियों में पुरुष तकनीकी कर्मचारियों को घुसने की इजाज़त नहीं होती है.

नई मिसाल

मध्य-पूर्व के देशों में क़रीब 60 धार्मिक टीवी चैनल हैं. इनमें से कुछ महिला एंकरों को नकाब पहने बिना भी कार्यक्रम पेश करने की इजाज़त देते हैं.वहीं अन्य चैनलों के पास महिला एंकर ही नहीं हैं.

अवतान टीवी ने इस मामले में एक अनूठा तरीक़ा अपनाया. यह चैनल 2008 में लांच किया गया था.पिछले महीने ही इसने महिलाओं को कार्यक्रम पेश करने की इजाज़त देकर एक मिसाल क़ायम की है.

लेकिन इसके लिए चैनल ने महिलाओं को नक़ाब पहनने की शर्त लगाई है.

ओला अल बारक़ी अवतान टीवी की एंकर हैं. वे सुबह के प्रोग्राम के साथ-साथ लड़कियों के लिए एक क्विज़ शो भी पेश करती हैं.

कार्यक्रम का एक बड़ा पहलू होता है एंकर, विषयवस्तु और दर्शकों के बीच एक रिश्ता बनाना लेकिन अगर एंकर पूरी तरह कपड़े से ढकी हो तो यह मुश्किल पैदा कर सकता है.

बीबीसी से बातचीत में अल बारक़ी कहती हैं, ''दर्शकों से रिश्ता बनाने के लिए चेहरा ही एक मात्र रास्ता नहीं हो सकता है.''

दर्शकों का प्रोत्साहन

वे बताती हैं, ''हमें कई देशों से दर्शकों के फ़ोन आते हैं जिसमें हमारे काम को प्रोत्साहित किया जाता है.''

बारक़ी बताती हैं, '' अवतान टीवी में हम केवल स्टूडियो तक ही सीमित नहीं हैं. हम नक़ाब पहनकर ही रिपोर्टिंग भी करते हैं.यह हमारी काम में बाधा नहीं बनता है.''

सऊदी अरब में वहाबी नज़रिए को मानने वाले सुन्नी मुसलमान भी रहते हैं. माना जाता है कि उनका बहुत ही रूढ़ीवादी नज़रिया है.

कुछ आलोचकों का कहना है कि अवतन टीवी एंकर बनने की इच्छा रखने वाली महिलाओं के लिए नक़ाब अनिवार्य बनाकर महिलाओं की स्वतंत्रता को सीमित कर रहा है.

इन आलोचकों से उदारवादी मुसलमान भी इत्तेफ़ाक रखते हैं.

अल बारक़ी कहती हैं,''नक़ाब पहनने के लिए मुझ कोई दबाव नहीं डाल सकता है. मैं ख़ुद भी अपनी तीनों बेटियों पर इसके लिए दबाव नहीं डालूंगी जो मेरा कार्यक्रम टीवी पर देखती हैं और फ़क्र महसूस करती हैं.''

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