आर्थिक सुधार वाला विधेयक पारित

बराक ओबामा
Image caption ओबामा के इस प्रयास को रिपब्लिकन का साथ नहीं मिला है

अमरीकी कांग्रेस के निचले सदन हाउस ऑफ़ रिप्रेजेंटेटिव्स ने एक ऐसे विधेयक को मंज़ूरी दे दी है जो अमरीका की वित्तीय व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन ला सकता है.

राष्ट्रपति बराक़ ओबामा ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा है कि यह विधेयक अधिक स्थिर वित्तीय व्यवस्था क़ायम करेगा.

वाशिंगटन से बीबीसी संवाददाता पॉल एडम्स का कहना है कि इस विधेयक की तुलना 1930 के दशक में तत्कालीन राष्ट्रपति रुज़वेल्ट द्वारा लाए गए न्यू डील विधेयक से की जा रही है जिसने अमरीका की वित्तीय व्यवस्था में बड़े परिवर्तन किए थे.

इस नए विधेयक के ज़रिए सरकार को अधिकार होंगे कि वो ऐसी कंपनियों को तोड़ कर छोटा कर दे जिनसे अर्थ व्यवस्था के लिए ख़तरा पैदा होता हो.

वहीं बैंकों के कामकाज पर नज़र ऱखने के लिए भी एक संस्था बनाने का प्रावधान है.

पिछले साल अमरीका में कई बैंकों के दीवालिया होने और आर्थिक मंदी की शुरुआत होने के बाद इसके कारणों से निपटने के लिए यह सरकार का पहला बड़ा क़ानूनी क़दम माना जा रहा है.

इसमें कंपनियों के बड़े अधिकारियों की तनख्वाहों पर नियंत्रण के लिए भी प्रावधान हैं.

राष्ट्रपति ओबामा ने कहा है, "इस विधेयक के ज़रिए देश ने आर्थिक सुधार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है."

निचले सदन में यह विधेयक पारित ज़रूर हो गया लेकिन एक भी रिपब्लिकन सांसद ने इसके पक्ष में वोट नहीं डाला है.

इस विधेयक का विरोध करने वालों का तर्क है कि वो मुक्त बाज़ार में सरकार का ऐसा हस्तक्षेप नहीं चाहते.

अब अगले साल की शुरुआत में ऊपरी सदन सीनेट में इस विधेयक के उसके संस्करण पर बहस होगी और हो सकता है इसमें काफ़ी संशोधन करके प्रस्तावित उपायों को काफ़ी हद तक सीमित कर के ही पारित किया जाए.

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