फ़िलिपींस में 31 क़ैदी फ़रार

फ़िलिपींस
Image caption फ़रार क़ैदियों को पकड़ने के लिए व्यापक तलाशी अभियान छेड़ा गया है

दक्षिणी फ़िलिपींस में संदिग्ध इस्लामी चरमपंथियों ने एक जेल पर हमला कर कम से कम 31 क़ैदियों को छुड़ा लिया है.

जेल अधिकारियों ने क़ैदियों के भाग जाने की पुष्टि की है. माना जा रहा है कि इस हमले में एक जेल सुरक्षाकर्मी समेत दो लोग मारे गए हैं.

समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस ने बसिलान आइसलैंड के वाइस गवर्नर अल रशीद सकालाहुल के हवाले से कहा है कि हमलावर जेल में क़ैद मुस्लिम छापामारों को छुड़ाना चाहते थे.

उन्होंने बताया कि रविवार की सुबह हुए इस हमले में कई और क़ैदी भी जेल से भाग निकले.

दीवार तोड़ी

सकालाहुल ने बताया कि लगभग 30 सशस्त्र हमलावरों ने हथौड़ों के प्रहार से सीमेंट की दीवार तोड़ दी और क़ैदियों की बेड़ियां काट कर उन्हें भगा दिया.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने पुलिस प्रमुख अबु बकर तुलावी के हवाले से कहा है कि हमलावरों के साथ हुए संघर्ष में एक जेल सुरक्षाकर्मी की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया.

क्षेत्रीय सैन्य कमांडल मेजर जनरल बेंजमिन डोलोरफिनो ने बताया कि जेल के फ़रार होने वाले 31 क़ैदियों में मुस्लिम विद्रोही संगठन मोरो इस्लामिक लिबरेशन फ़्रंट (एमआईएलएफ़) के संदिग्ध सदस्य भी शामिल हैं.

जेल से भागने वाले क़ैदियों में एमआईएलएफ़ के वो दो सदस्य भी शामिल हैं जिन पर 2007 में बासिलान द्वीप में 12 सैनिकों की हत्या करने का आरोप है.

फ़रार क़ैदियों को पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया गया है.

उल्लेखनीय है कि फ़िलिपींस सात हज़ार से अधिक द्वीपों में बसा देश है और मुख्यरूप से कैथलिक है.

लेकिन दक्षिणी मिंदानाओ द्वीप में विद्रोही संगठन एक अलग इस्लामिक राज्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं.

दशकों से चल रही इस लड़ाई में अब तक एक लाख 20 हज़ार लोग मारे जा चुके हैं.

हालांकि सन 2003 में शांति वार्ताएं हुई और युद्धविराम हुआ लेकिन अब भी हिंसक घटनाएं होती रहती हैं.

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