ईरान का अमरीका पर जालसाज़ी का आरोप

Image caption अहमदीनेजाद ने अमरीका पर फिर निशाना साधा है

ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने एक ब्रितानी अख़बार में छपे कथित गुप्त दस्तावेज़ को अमरीकी सरकार की जालसाज़ी बताया है.

इस दस्तावेज़ में तेहरान की परमाणु बम की योजना का कथित तौर पर ज़िक्र है.

ब्रितानी अख़बार द टाइम्स में पिछले हफ़्ते छपे एक दस्तावेज़ पर टिप्पणी करते हुए महमूद अहमदीनेजाद ने कहा ये अमरीकी सरकार की जालसाज़ी है.

उन्होंने अमरीकी टीवी चैनल एबीसी की डायन सायर से कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम के बारे में जारी कुछ वक्तव्य जैसे बार बार कहे जाने वाले और बिना अर्थहीन मज़ाक जैसे हो गए हैं.

उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण कार्यक्रमों के लिए है.

महमूद अहमदीनेजाद ने कहा कि, '' अमरीकी सरकार दस्तावेज़ों को लगातार गढ़ रही है और बांट रही है. ये दस्तावेज़ पूरी तरह गलत हैं.''

उन्होंने अमरीका और दूसरी विश्व शक्तियों के प्रतिबंध की धमकियों को खारिज़ कर दिया.

महमूद अहमदीनेजाद ने कहा कि, '' हम प्रतिस्पर्धा नहीं चाहते लेकिन हम किसी धमकी के आगे नहीं झुकेंगे. अगर आप हमसे बिना शर्त बात करना चाहते हैं तो हम इसका स्वागत करते हैं. लेकिन अगर आप प्रतिबंध लगाना चाहते हैं तो लगाइए.''

उल्लेखनीय है कि इसके पहले ईरान सरकार ने देश में यूरेनियम संवर्धन के 10 नए संयंत्र लगाने की योजना को मंज़ूरी दे दी थी.

ईरान के सरकारी मीडिया ने घोषणा की थी कि नए संयंत्रों में से पाँच के निर्माण पर काम तुरंत शुरू हो जाएगा, जबकि पाँच अन्य के लिए दो महीने के भीतर जगह ढूंढे जाने की संभावना है.

नए संयंत्र नतान्ज़ के मौजूदा संयंत्र के बराबर आकार के होंगे.

ईरान की इस घोषणा पर अमरीका और ब्रिटेन ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी.

अमरीका का कहना था कि ईरान अपनी वचनबद्धता का उल्लंघन कर रहा है जबकि ब्रिटेन ने ईरान के फ़ैसले पर गहरी चिंता जताई थी.

अमरीका का कहना था कि ईरान ख़ुद ही अपने को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग कर रहा है.

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