लिथुआनिया में थे सीआईए के केंद्र

  • 23 दिसंबर 2009

लिथुआनिया में हुई एक जाँच के मुताबिक अमरीका की एजेंसी सीआईए ने सितंबर 2001 के हमलों के बाद लिथुआनिया में दो गुप्त हिरासत केंद्रों का इस्तेमाल किया था.

लिथुआनिया की संसदीय समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2005 और 2006 में वहाँ सीआईए के विमानों को उतरने की इजाज़त दी गई थी.

रिपोर्ट के अनुसार लिथुआनिया के किसी अधिकारी को विमान के नज़दीक जाने की अनुमित नहीं थी न ही उन्हें ये बताया गया था कि विमान में कौन लोग हैं.

मीडिया में रिपोर्टें हैं कि पोलैंड और रोमानिया ने भी सीआईए की ऐसी ही मदद की थी.

लिथुआनिया की जाँच से पता चला है कि कम से कम चार संदिग्ध लोगों को राजधानी विलनियस के पास हिरासत में रखा गया.

ये हिरासत केंद्र पहले एक राइडिंग स्कूल था और ख़बरों के मुताबिक संदिग्ध लोगों को वहाँ 2004 और 2005 के बीच रखा गया था.

इस साल अगस्त में अमरीका में मीडिया ने दावा किया था कि लिथुआनिया, पोलैंड और रोमानिया तीनों देशों ने सीआईए के संदिग्ध लोगों को अपने हिरासत केंद्रों में रखा.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि लिथुआनिया की संसदीय रिपोर्ट वहाँ के नेताओं को उन मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोपों से बरी करती नज़र आई जो सीआईए ने किए हों.

हिरासत केंद्र

रिपोर्ट का कहना है कि लिथुआनिया के राष्ट्रपति इस बात से अनजान थे कि अमरीकी ख़ुफ़िया विभाग क्या कर रहा है.

11 सितंबर के हमलों के बाद बुश प्रशासन की ‘एक्स्ट्राऑर्डिनरी रेन्डिशन’ की नीति और अमरीका के बाहर हिरासत केंद्र होने की बात बहुत विवादित रही थी.

एक्स्ट्राऑर्डिनरी रेन्डिशन का मतलब है कि संदिग्ध चरमपंथियों को एक देश में पकड़ना और फिर दूसरे देश में ले जाना-बिना किसी न्यायिक निगरानी के.

अमरीकी अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि शायद कई क़ैदी गुप्त हिरासत केंद्र में रखे गए हैं. अब तक केवल एक मामले में मुकमदा हुआ है.

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ये घोषणा कर चुके हैं कि वो विदेशों में हिरासत केंद्रों का नेटवर्क बंद कर रहे हैं.

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