आशूरा पर ईरान में 'ख़ून-ख़राबा'

विपक्षी सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक़ ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन के दौरान पुलिस फ़ायरिंग में आठ लोग मारे गए हैं.

मारे गए प्रदर्शनकारियों में विपक्षी नेता मीर हुसैन मुसावी के भतीजे सैयद अली मुसावी भी शामिल हैं.

विपक्षी पार्टियों की वेबसाइट के मुताबिक़ राजधानी तेहरान में चार प्रदर्शनकारियों की मौत हुई जबकि तबरीज़ में चार अन्य प्रदर्शनकारी मारे गए हैं.

तेहरान के सिटी सेंटर में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच बड़ा संघर्ष हुआ है. प्रत्यक्षदर्शियों ने तेहरान के सिटी सेंटर से धुआँ निकलते देखा है.

विपक्षी पार्टियों की वेबसाइटों के मुताबिक़ सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर आँसू गैस के गोले छोड़े.

इनका कहना है कि लोगों को प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए कई सड़कों को बंद कर दिया गया है और अवरोध भी लगाए गए हैं.

लेकिन विपक्षी पार्टियों की वेबसाइट का दावा है कि प्रदर्शनकारियों ने कई इलाक़ों में पुलिस को खदेड़ दिया है.

ईरान के कई और शहरों से भी इसी तरह की ख़बरें आ रही हैं. ईरान की विपक्षी पार्टियों ने आशूरा के मौक़े पर देशभर में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था.

आरोप

सरकार की चेतावनी के बावजूद विपक्ष के इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया है.

Image caption सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई है

ईरानी समाचार एजेंसी ने पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया है कि लोगों के मारे जाने की ख़बर ग़लत है और विदेशी मीडिया स्थिति को बढ़ा-चढ़ा कर बता रहा है.

ईरान में जून में राष्ट्रपति चुनाव के दौरान काफ़ी हंगामा हुआ था. विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि मतदान में धांधली की गई है और उस दौरान भी व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे.

उन प्रदर्शनों के दौरान कई लोग मारे भी गए थे. पिछले दिनों ईरान के एक प्रमुख असंतुष्ट नेता आयतुल्लाह हुसैन अली मुंतज़ेरी की मौत के बाद वहाँ काफ़ी तनाव बढ़ गया था.

विपक्षी नेता मीर हुसैन मुसावी के समर्थकों ने आशूरा के मौक़े को राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद की सरकार के प्रति अपना विरोध जताने के लिए चुना था.

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