ईरान में प्रदर्शनों के दौरान पाँच की मौत

ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन के दौरान पुलिस फ़ायरिंग में पांच लोगों के मारे जाने की ख़बरें आ रही हैं. बताया जा रहा है कि मारे गए प्रदर्शनकारियों में विपक्षी नेता मीर हुसैन मुसावी के भतीजे सैयद अली मुसावी भी शामिल हैं.

विपक्षी पार्टियों की वेबसाइट के मुताबिक़ राजधानी तेहरान में चार प्रदर्शनकारियों की मौत हुई जबकि तबरीज़ में भी प्रदर्शनकारी मारे गए हैं.

विपक्षी नेताओं का कहना है कि प्रदर्शनकारियों की मौत पुलिस की गोली से हुई है जबकि पुलिस ने इससे इनकार किया है और कहा है कि जो लोग मारे गए हैं, उनकी मौत संदेहास्पद स्थिति में हुई है.

उधर अमरीका और फ्रांस ने ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान गोलीबारी की निंदा की है.

जहां अमरीका ने ईरान सरकार को आड़े हाथों लिया है वहीं फ्रांस ने कहा है कि ईरान के लोगों की लोकतंत्र और आज़ादी की मांग को इस तरह से कुचला जाना कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता है.

बीबीसी के तेहरान संवाददाता के मुताबिक रविवार का दिन नई सरकार के जून में सत्तासीन होने के बाद से अबतक का शायद सबसे ज़्यादा हिंसा और तनाव वाला दिन साबित हुआ है.

जानकारी के मुताबिक रविवार को कम से कम 300 लोगों की हिरासत में लिया जा चुका है.

हिंसा का मंज़र

तेहरान के सिटी सेंटर में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच बड़ा संघर्ष हुआ है. प्रत्यक्षदर्शियों ने तेहरान के सिटी सेंटर से धुआँ निकलते देखा है.

विपक्षी पार्टियों की वेबसाइटों के मुताबिक़ सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर आँसू गैस के गोले छोड़े. इनका कहना है कि लोगों को प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए कई सड़कों को बंद कर दिया गया है और अवरोध भी लगाए गए हैं.

Image caption सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई है

लेकिन विपक्षी पार्टियों की वेबसाइट का दावा है कि प्रदर्शनकारियों ने कई इलाक़ों में पुलिस को खदेड़ दिया है.

ईरान के कई और शहरों से भी इसी तरह की ख़बरें आ रही हैं. ईरान की विपक्षी पार्टियों ने आशूरा के मौक़े पर देशभर में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था.

सरकार की चेतावनी के बावजूद विपक्ष के इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया है.

ईरानी समाचार एजेंसी ने पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया है कि लोगों के मारे जाने की ख़बर ग़लत है और विदेशी मीडिया स्थिति को बढ़ा-चढ़ा कर बता रहा है.

ईरान में जून में राष्ट्रपति चुनाव के दौरान काफ़ी हंगामा हुआ था. विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि मतदान में धांधली की गई है और उस दौरान भी व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे.

उन प्रदर्शनों के दौरान कई लोग मारे भी गए थे. पिछले दिनों ईरान के एक प्रमुख असंतुष्ट नेता आयतुल्लाह हुसैन अली मुंतज़ेरी की मौत के बाद वहाँ काफ़ी तनाव बढ़ गया था.

विपक्षी नेता मीर हुसैन मुसावी के समर्थकों ने आशूरा के मौक़े को राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद की सरकार के प्रति अपना विरोध जताने के लिए चुना था.

संबंधित समाचार