शिरीन एबादी की बहन 'गिरफ़्तार'

शिरीन एबादी
Image caption शिरीन एबादी का कहना है कि उनके मानवाधिकार कार्यों को रोकने के लिए उनकी बहन को गिरफ़्तार किया गया है

ईरान की नोबल शांति पुरस्कार विजेता शिरीन एबादी का कहना है कि ईरान की सरकार ने उनकी बहन नौशीन को गिरफ़्तार कर लिया है.

ईरान की विपक्षी पार्टी का दावा है कि सरकार के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन को दबाने के लिए कई पत्रकारों को भी गिरफ़्तार किया गया है.

शिरीन एबादी का कहना है कि उनके मानवाधिकार कार्यों को रोकने के लिए उनकी बहन नौशीन को गिरफ़्तार किया गया है. नूशिन मेडिकल कॉलेज में प्रोफ़ेसर हैं.

उनका कहना है कि ईरान की खुफ़िया सेवा के अधिकारियों ने नौशीन को गिरफ़्तार किया है.

इससे पहले प्रदर्शनकारियों पर नरमी बरतने की अंतरराष्ट्रीय समुदाय की मांग को तेहरान ने ख़ारिज कर दिया था.

उधर ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड मिलिबैंड ने कहा है कि विरोध प्रदर्शन करने वालों में साहस था और उन्होंने तेहरान से उनके अधिकारों का सम्मान करने की मांग की.

'पश्चिमी देश का हाथ'

मिलिबैंड की आलोचना करते हुए ईरान के विदेश मंत्री मानुचेहर मोत्तकी ने कहा, "यदि ब्रिटेन ने बकवास बंद नहीं किया तो उसके मुँह पर घूसे पड़ेगे."

ईरान की सरकार का कहना है कि रविवार को हुए हिंसात्मक प्रदर्शन पीछे पश्चिमी देशों का हाथ है.

अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ईरान में सरकार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ एकजुटता जताते हुए माँग की है कि गिरफ़्तार किए गए प्रदर्शनकारियों को तत्काल रिहा किया जाना चाहिए.

रविवार को ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन के दौरान पुलिस फ़ायरिंग हुई थी जिसमें आठ लोग मारे गए थे और कई प्रमुख विपक्षी नेताओं को गिरफ़्तार कर लिया गया था.

उधर ईरान की सरकार ने भीड़ पर फ़ायरिंग करने का खंडन किया है और कहा है कि जो लोग मरे हैं वे संदिग्ध परिस्थितियों में मारे गए हैं.

ग़ौरतलब है कि जून में राष्ट्रपति पद के लिए हुए चुनावों के विवादों में घिर जाने के बाद ये प्रदर्शन शुरु हुए थे जो रुक-रुक कर अब भी जारी हैं और 1979 की क्रांति के बाद बनी इस्लामी सरकार के लिए अब तक की सबसे बड़ी चुनौती के रूप में सामने आए हैं

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