'अमरीकी मिसाइलों का मुकाबला ज़रूरी'

पुतिन
Image caption मिसाइल प्रणाली लगाने की अमरीका की पूर्व योजना का पुतिन ने विरोध किया था

रुस के प्रधानमंत्री व्लादीमिर पुतिन ने कहा है कि अमरीका की मिसाइल प्रणाली का मुकाबला करने और रणनीतिक संतुलन बनाए रखने के लिए ज़रुरी है कि रुस अपनी शस्त्र प्रणाली विकसित करता रहे.

उन्होंने कहा कि ऐसा न होने पर अमरीका अपने आप को बिल्कुल सुरक्षित महसूस करेगा और जो चाहेगा वो कर सकेगा.

अमरीका ने इस साल पोलैंड और चेक गणराज्य में मिसाइल प्रतिरक्षा प्रणाली लगाने की अपनी विवादित योजना छोड़ दी थी लेकिन साथ ही कहा था कि वो अन्य सुरक्षा प्रणालियाँ विकसित करेगा.

रूसी प्रधानमंत्री ने कहा है कि ऐसी योजनाएँ परमाणु हथियार कम करने की कोशिशों में बाधा डाल रही हैं.

रूस और अमरीका के बीच हुई स्टार्ट-1 संधि पांच दिसंबर को समाप्त हो गई और इसकी जगह अभी कोई और समझौता नहीं हुआ है.

1991 की इस संधि के बाद दोनों पक्षों ने अपने परमाणु हथियारों में काफ़ी कटौती की थी.

रूस और अमरीका इस बात को लेकर सहमत हैं कि नई संधि होने तक स्टार्ट-1 समझौते का पालन किया जाए.

'सही फ़ैसला'

इस साल जुलाई में हुई साझा सहमति के मुताबिक नई संधि के सात साल के अंदर हर पक्ष को परमाणु हथियारों की संख्या 1700 से कम करनी है.

लेकिन इसके बावजूद दोनों देशों के पास मिलाकर इतने हथियार हैं कि दुनिया को कई बार नष्ट कर सकते हैं.

इससे पहले रूसी राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने कहा था कि परमाणु निरस्तीकरण की बातचीत के बावजूद रुस नए परमाणु मिसाइल और लॉन्चर बनाता रहेगा.

वहीं पुतिन ये कह चुके हैं कि पौलैंड और चेक गणराज्य में मिसाइल प्रतिरक्षा प्रणाली न लगाने का ओबामा का फ़ैसला सही और बहादुरी का परिचय देने वाला है.

रूस की सीमा के पास मिसाइल इंटरसेप्टर प्रणाली लगाने की अमरीका की योजना का रूस हमेशा विरोध करता आया है.

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