उमर इस महीने यमन में थे

उमर फ़ारुक अब्दुलमुत्तलिक
Image caption यमन के अधिकारियों के मुताबिक उमर अरबी की पढ़ाई करने के लिए यमन पहुँचे थे

क्रिसमस के दिन अमरीका जा रहे एक विमान में कथित रुप से धमाका करने की कोशिश करने वाले नाइजीरिया के नागरिक उमर फ़ारुक अब्दुलमुत्तलिब इस महीने के शुरू तक यमन में रह रहे थे.

यमन के अधिकारियों का कहना है कि 23 वर्षीय उमर अगस्त से लेकर इस महीने के आरंभ तक यमन में थे. यमन के सरकारी समाचार एजेंसी साबा ने विदेश मंत्री के हवाले से लिखा है कि उनके पास यमन के एक संस्थान में अरबी पढ़ने का वीज़ा था.

इससे पहले अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा था कि जब तक इस साजिश में शामिल लोगों को सज़ा नहीं मिलती वे चैन से नहीं बैठेंगे.

ओबामा ने कहा, "हिंसात्मक चरमपंथी गतिविधियों से निपटने और उन्हें हराने के लिए राष्ट्रीय ताक़त का इस्तेमाल करेंगे."

नाकाम कोशिश

एक अमरीकी संस्था का कहना है कि यमन स्थित अल क़ायदा से जुड़े एक स्थानीय संगठन ने इस साजिश के पीछे हाथ होने की बात कही है.

उमर पर आरोप है कि अमरीका के डेट्रॉइट अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर विमान उतरने से कुछ देर पहले उन्होंने विमान में विस्फोट करने की कोशिश की थी जिसे नाकाम कर दिया गया.

एम्सटर्डम से डेट्रॉइट आ रही इस यात्री विमान में क़रीब 300 लोग सवार थे.

इससे पहले उमर के परिवार वालों ने बताया था कि जब उमर ने अपने परिवार से बातचीत बंद कर दी तब दो महीने पहले उनके पिता अलहाजी उमारु मुत्तलिब ने सुरक्षा एजेंसियों को चौकस किया था.

एक अमरीकी मॉनिटरिंग संगठन एसआईटीई (साइट) इंटेलीजेंस ने कहा है कि यमन में हो रहे अमरीकी हमलों का बदला लेने के लिए विमान को उड़ाने की कोशिश की गई थी.

सुरक्षा एजेंसी इस बात का पता लगा रही है कि यमन में उमर किन लोगों के संपर्क में थे.

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