इराक़ धमाकों में 23 की मौत, गवर्नर घायल

  • 30 दिसंबर 2009
इराक़ में बम विस्फोट
Image caption अनबर प्रांत के गवर्नर हाउस को भी निशाना बनाया गया था

इराक़ में दो भीषण आत्मघाती बम धमाके हुए हैं जिनमें कम से कम 23 लोगों की मौत हो गई और 60 से ज़्यादा घायल हो गए.

अनबर प्रांत की राजधानी रमादी के कड़ी सुरक्षा वाले इलाक़े में हुए इन धमाकों में प्रांत के गवर्नर क़ासिम मौहम्मद भी घायल हुए हैं.

गवर्नर की हालत गंभीर बताई गई है. मृतकों में ज़्यादातर पुलिसकर्मी बताए गए हैं.

पुलिस ने बताया है कि पहला बम धमाका एक कार के ज़रिए किया गया जबकि दूसरे हमले में आत्मघाती हमलावर पैदल ही चल रहा था. दूसरे हमलावर ने सेना की वर्दी पहन रखी थी.

पुलिस ने बताया है कि राजधानी बग़दाद के 80 किलोमीटर उत्तर में स्थित शिया मुसलमानों के एक तीर्थ स्थल ख़ालिस में भी सड़क किनारे बम धमाका हुआ जिसमें छह लोग मारे गए.

पुलिस के अनुसार रमादी में हुए बम हमले में आत्मघाती हमलावर ने पुलिस चौकी के मुख्य द्वार को निशाना बनाया.

उसके क़रीब आधे घंटे बाद जब गवर्नर नुक़सान का जायज़ा लेने के लिए घटनास्थल पर पहुँचे तो फिर एक धमाका हुआ जिसमें वो ज़ख़्मी हो गए.

पुलिस ने बताया है कि दूसरे हमलावर ने विस्फोटकों के भरी एक जैकेट पहन रखी थी जो इराक़ी सेना की वर्दी से मिलती-जुलती थी. उसने गवर्नर भवन के पास भीड़ भरे स्थान पर दौड़ते हुए ख़ुद को विस्फोटकों से उड़ा दिया.

सरकारी अल इराक़िया टेलीविज़न चैनल ने कहा है कि हमलावरों में से एक गवर्नर मोहम्मद क़ासिम के सुरक्षा गार्ड के तौर पर काम करता था जिसकी बम धमाके में मौत होने की ख़बरें आई हैं.

बम धमाकों के समय पास की ही एक दुकान से गुज़र रहे एक निवासी अहमद महमूद ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया, “धमाका होने पर मैं हवा में उड़ गया और फिर जब मुझे होश आया तो अस्पताल में था.”

11 अक्तूबर को भी रमादी में एक साथ तीन बम हमले हुए थे जिनमें 24 लोग ही मारे गए थे.

इराक़ में सद्दाम हुसैन को सत्ता से हटाए जाने के बाद अनबर प्रांत इराक़ में सुन्नी विद्रोही आंदोलन ख़ासा सक्रिय रहा है लेकिन स्थानीय क़बायली नेताओं ने जब वर्ष 2006 में अल क़ायदा के ख़िलाफ़ रुख़ अपनाया था तो तुलनात्मक रूप से हालात कुछ बेहतर हुए थे.

राजधानी बग़दाद में मौजूद बीबीसी संवाददाता जिम मुईर का कहना है कि इराक़ वर्ष 2010 में चुनाव की तैयारी कर रहा है और ऐसे में हिंसा का बढ़ना चिंताजनक भी है.

हालाँकि कुल मिलाकर पूरे इराक़ में हिंसा में कमी बताई गई है. नवंबर 2009 में हुए बम धमाकों में 88 लोग मारे गए थे जबकि तीन वर्ष पहले नवंबर में कुल 3000 लोगों की मौत हुई थी.

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