मैं मरने से नहीं डरता:मुसावी

ईरान में विपक्ष के नेता मीर हुसैन मुसावी ने कहा है कि देश में सुधार की ख़ातिर वे मरने से भी नहीं डरते हैं.

पिछले महीने कई सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों और अपने भतीजे की मौत के बाद ये मुसावी का पहला बयान था.

अपनी वेबसाइट पर मुसावी ने एक बयान छापा है. इसमें जून के विवादित चुनावों के बाद उपजी स्थिति के हल के लिए पाँच चरणों के एक कार्यक्रम का ज़िक्र किया गया है.

उन्होंने कहा कि सरकार, संसद और न्यायपालिका को इस स्थिति के लिए सीधे तौर पर ज़िम्मेदारी लेनी होगी.

साथ ही मुसावी का कहना था कि विश्वसनीय चुनावों के लिए एक पारदर्शी क़ानून होना चाहिए, राजनीतिक क़ैदियों को रिहा कर देना चाहिए, मीडिया की स्वतंत्रता और लोगों को प्रदर्शन करने देने के हक़ को मान्यता देनी होगी.

अपनी वेबसाइ कलेमे.ऑर्ग (kaleme.org) पर उन्होंने कहा, “मैं खुले तौर पर कहता हूँ कि जब तक ये बात स्वीकार नहीं की जाती कि देश में गंभीर समस्या है, तब तक किसी मुद्दे का हल नहीं निकल सकता. मुझे या किसी और को गिरफ़्तार किए जाने या मारे जाने से स्थिति शांत नहीं होगी.”

हिंसा और प्रदर्शन

अपने भतीजे का नाम लिए बगैर मुसावी ने कहा कि वो लोगों की माँगों के लिए मरने से नहीं डरता.

27 दिसंबर को सरकार का विरोध कर रहे आठ लोग पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारे गए थे. मारे गए लोगों में मीर मुसावी के भतीजे सैयद अली मुसावी भी शामिल थे.

जून में विवादित चुनावों के दौरान हुए प्रदर्शनों के बाद से ये ईरान में सबसे बड़े पैमाने पर हुई हिंसा है.

विपक्ष के कई बड़े नेताओं को गिरफ़्तार किया जा चुका है. बुधवार को सरकार के समर्थन में हज़ारों ईरानी कई शहरों में इकट्ठा हुए थे.

ये लोग ‘विरोधियों को मौत’ का नारा लगा रहे थे. माना जा रहा है कि ये रैलियाँ सरकार ने आयोजित की थी ताकि विपक्ष के प्रदर्शनों का जवाब दिया जा सके.

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