यमन में अमरीकी और ब्रितानी दूतावास बंद

यमन में अमरीकी दूतावास
Image caption अमरीका ने यमन में अपने नागरिकों को सुरक्षा के मद्देनज़र चौकस रहने की सलाह दी

अमरीका ने 'निरंतर चरमपंथी हमलों के ख़तरों' के मद्देनज़र यमन की राजधानी साना स्थित अपने दूतावास को बंद कर दिया है.

इसके बाद ब्रिटेन ने भी यमन में अपना दूतावास बंद कर दिया है. दूतावास को अल क़ायदा से जुड़े एक अन्य संगठन ने धमकी दी थी.

अमरीकी दूतावास ने अपनी वेबसाइट पर एक बयान में अमरीकी नागरिकों को यमन में अपनी सुरक्षा को लेकर चौकस रहने की सलाह दी है.

रविवार को दूतावास के बयान में कहा गया है, "अरब प्रायद्वीप में अमरीकी हित को अल-क़ायदा के निरंतर ख़तरों के मद्देनज़र साना स्थित अमरीकी दूतावास को तीन जनवरी से बंद किया जाता है"

फ़िलहाल स्पष्ट नहीं है कि दूतावास दोबारा कब खोला जएगा.

अमरीका ने दूतावास बंद करने का फ़ैसला मध्य पूर्व और मध्य एशिया में अमरीकी अभियान के प्रमुख जनरल डेविड पेट्रियस के यमन दौरे के एक दिन बाद किया है.

ग़ौरतलब है कि शनिवार को जनरल पेट्रियस ने यमन के राष्ट्रपति अली अब्दुल्लाह से अल क़ायदा के ख़िलाफ़ कार्रवाई के सिलसिले में दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने को लेकर मुलाक़ात की थी.

पश्चिमी देशों में इस बात को लेकर चिंता है कि अरब दुनिया का सबसे ग़रीब देश यमन अल क़ायदा की शरणस्थली बनता जा रहा है.

अमरीका-ब्रिटेन साथ-साथ

उधर ब्रिटेन ने कहा है कि वो अमरीका के साथ मिलकर यमन में एक नए आंतक-निरोधी दस्ते के लिए धनराशि देगा.

ये बयान अमरीकी राष्ट्रपति की इस घोषणा के कुछ घंटे बाद आया है जिसमें ओबामा ने आरोप लगाया था कि यमन में अल क़ायदा से जुड़े एक गुट ने क्रिसमस के दिन अमरीकी विमान पर हमले की साज़िश रची थी.

Image caption अमरीका और ब्रिटेन का कहना है कि यमन आतंकवादियों के लिए सुरक्षित अड्डा है

इसके अलावा ब्रिटेन ने ये भी कहा है कि वो सोमालिया में ज़्यादा मज़बूत शांतिबल की तैनाती की कोशिश करेगा.

ब्रितानी प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन के कार्यालय से जारी हुए बयान में कहा गया है कि सोमालिया में बड़े शांतिबल की ज़रूरत है और वे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इसकी वकालत करेंगे.

बराक ओबामा ने यमन के राष्ट्रपति से मुलाक़ात के लिए मध्य पूर्व क्षेत्र के अपने उच्च अमरीकी जनरल को भेजा है.

जनरल डेविड पेट्रियस मध्य पूर्व और मध्य एशिया में अमरीकी अभियान के प्रमुख हैं. जनरल पेट्रियस ने यमन के राष्ट्रपति से मुलाक़ात की है और उन्हें बराक ओबामा का पत्र दिया है.

'यमन से ख़तरा'

शनिवार को दिए बयान में ओबामा ने पहली बार सार्वजनिक तौर पर कहा था कि यमन के एक गुट ने कथित तौर पर डेट्रियॉट में एक अमरीकी विमान को उड़ाने की कोशिश की.

वहीं गॉर्डन ब्राउन ने कहा है कि यमन आतंकवाद के लिए सुरक्षित अड्डा भी है और वहाँ आतंकवाद फल फूल भी रहा है, इसलिए यमन एक ग्लोबल ख़तरा है.

यमन को आर्थिक सहायता देने वाला ब्रिटेन प्रमुख देश है और वो पहले से ही यमन में अधिकारियों को आतंकवाद से लड़ने में प्रशिक्षित कर रहा है.

अमरीका और ब्रिटेन से मिलने वाली नई मदद में यमन के कोस्टगार्ड अभियान को और मज़बूत किया जाएगा.

डाउनिंग स्ट्रीट की ओर से बीबीसी को बताया गया है कि ये फ़ैसला यमन सरकार और व्हाइट हाउस के साथ बातचीत के बाद लिया गया है.

मंगलवार को यमन के विदेश मंत्री ने बीबीसी को बताया था कि यमन के पास अल क़ायदा से लड़ने की क्षमता और इच्छा शक्ति है लेकिन उसे पश्चिम से और मदद की ज़रूरत है.

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