सबसे ऊँची इमारत की सैर

  • 4 जनवरी 2010
बुर्ज ख़लीफ़ा
Image caption बुर्ज ख़लीफ़ा की ऊँचाई 828 मीटर है

दुनिया की सबसे ऊँची इमारत 'बुर्ज ख़लीफ़ा' सोमवार को खुल गई. एक शानदार और भव्य समारोह में दुबई के शासक शेख़ मोहम्मद बिन राशिद ने इसका उदघाटन किया.

निर्माण के दौरान इसका नाम बुर्ज दुबई था लेकिन उदघाटन के बाद इसका नाम पड़ोसी आबूधाबी के नेता के नाम पर बुर्ज ख़लीफ़ा कर दिया गया.

इस अदभुत इमारत की ऊँचाई 828 मीटर है और इसने दुनिया में बनी ऊँची इमारतों का पिछला सारा रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया है.

इस इमारत में 1044 रिहायशी मकान हैं, 57 लिफ़्ट है और 49 फ्लोर ऐसे हैं जिसका इस्तेमाल कार्यालय के रूप में किया जाएगा.

इसकी ऊँचाई न्यूयॉर्क स्थित एंपायर स्टेट बिल्डिंग से दुगुनी है. 95 किलोमीटर की दूरी से भी इस बुर्ज को देखा जा सकता है.

इस इमारत के बाहरी हिस्सों पर 26 हज़ार 'ग्लास पैनल' लगे हुए हैं जिसकी चमक सूर्य को रौशनी में देखते ही बनती है.

अपनी ऊँचाई की वजह से इस इमारत के डिज़ाइन में काफी तकनीक और निर्माण संबंधी समस्याएँ थी. दुबई भूकंप प्रभावित क्षेत्र के नज़दीक है, साथ ही तेज़ हवा का ख़तरा यहाँ बना रहता है.

कंपनी के चेयरमैन अली अलब्बर ने बीबीसी से बातचीत करते हुए कहा, "आपके पास इन सारी समस्याओं का समाधान तो रहता है लेकिन आपको पता नहीं रहता है यह किस तरह से काम करेगा."

उन्होंने बताया, "निर्माण के दौरान इस इमारत पर दो बार बिजली गिरी. पिछले साल ईरान में एक बड़ा भूकंप आया था. साथ ही निर्माण के दौरान सभी तरह की तेज़ हवाओं को इसने झेला. परिणाम ठीक रहा है और हम इस इमारत के डिज़ाइनर और इससे जुड़े लोगों का शुक्रिया अदा करते हैं."

दुबई में पिछले कुछ महीनों से आर्थिक मंदी छाई हुई है. ऐसे में कहा जा रहा है कि कहीं यह महज़ दिखावा तो नहीं.

अली अलब्बर इस बात को ख़ारिज करते हैं. वे कहते हैं, "अभी तक हम इमारत के 90 प्रतिशत हिस्सों को बेच चुके हैं और हमें 10 प्रतिशत से ज्यादा फ़ायदा हुआ है."

पिछले दो दशकों में दुबई में सैकड़ों विशाल भवन बने हैं लेकिन पिछले तीन वर्षों के दौरान भवन निर्माण की गति धीमी हुई है.

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