योग दिलाएगा जेल से जल्द रिहाई

योग कक्षा
Image caption ये योजना मध्यप्रदेश सरकार ने चलाई है

मध्यप्रदेश में योग प्रशिक्षण पूरा कर लेने वाले क़ैदियों की रिहाई समय से पहले हो सकती है.

इस योजना के तहत ये प्रावधान रखा गया है कि तीन महीने योग प्रशिक्षण लेने वाले कैदी की 15 दिन की सज़ा कम कर दी जाएगी.

अधिकारियों का कहना है कि योग की शिक्षा क़ैदियों में आत्मनियंत्रण बढाने और उनकी आक्रामक प्रवृत्ति में नरमी लाने में मदद कर सकती है.

राज्य सरकार की इस योजना से फ़िलहाल मध्यप्रदेश की जेलों के चार हज़ार क़ैदी फ़ायदा उठा रहे हैं जिनमें से कई आगे चल कर योग प्रशिक्षक बनने का इरादा रखते हैं.

राज्य के जेल महानिदेशक संजय मैनी का कहना है, "योग के प्रशिक्षण सत्र में हिस्सा लेने और कुछ अन्य शर्तें पूरी करने वाले क़ैदी के बारे में अगर उसका जेल अधीक्षक सिफ़ारिश कर दे तो उसकी सज़ा माफ़ करने पर भी विचार किया जा सकता है."

योग के प्रशिक्षक बन चुके ग्वालियर सेंट्रल जेल के एक पूर्व क़ैदी नारायण शर्मा कहते हैं कि योग दिमाग़ में आने वाले ‘आक्रामक विचारों’ को हटाने में मदद देता है.

उनका कहना था कि यही आक्रामक विचार उन्हें अपराध करने के लिए प्रेरित करते थे. नारायण शर्मा का कहना था, "मैं आशा करता हूं कि जेल से रिहा होने के बाद हमने जो योग प्रशिरक्षण लिया है उसका बाहर जाकर प्रचार प्रसार करें, जिससे शायद समाज से अपराध ही ख़त्म हो जाएं."

इसी योजना के तहत उन कै़दियों को भी फ़ायदा मिलेगा जो जेल मे ही वयस्कों के लिए चलाई जाने वाली कक्षाओं या डिग्री स्तर की कक्षाओं में हाज़िरी देंगे.

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