बिना आधार जाँच-पड़ताल मानवाधिकार हनन

पुलिस
Image caption ब्रिटेन ने कहा है कि वो यूरोपीय मानवाधिकार अदालत के आदेश पर अपील करेगा

यूरोपीय मानवाधिकार अदालत का कहना है कि बिना किसी पर्याप्त शक के आधार पर पुलिस द्वारा लोगों की खोजबीन करने का ब्रिटेन का आतंकवाद विरोधी कानून मानवाधिकारों का उल्लंघन है.

ये मामला दो व्यक्तियों केविन गिलन और पेनी क्विंटन द्वारा अदालत में लाया गया था. इन दोनों को 2003 में ब्रिटेन की पुलिस ने उस समय रोक दिया और पूछताछ की जब वो लंदन में हथियारों की प्रदर्शनी के पास थे.

न्यायाधीश ने कहा कि ब्रिटेन का कानून जो पुलिस अधिकारियों को विशेष इलाके में आतंकी सामान की खोज में किसी भी व्यक्ति की जाँच-पड़ताल का अधिकार देता है निजी जीवन के अधिकार का हनन है और इसका इस्तेमाल प्रदर्शनकारियों और विशेष रूप से अल्पसंख्यक समूहों के खिलाफ़ किया जा सकता है.

ब्रिटेन ने कहा है कि वो इस आदेश पर अपील करेगा.

प्रतिबंध

इस बीच, ब्रिटेन की सरकार ने आतंकवाद विरोधी कानून के तहत विवादास्पद मुस्लिम संगठन इस्लाम फ़ॉर यूके प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है. ये प्रतिबंध मोहाजरून समेत संगठन के अन्य नामों पर भी लागू होगा.

ब्रिटेन के गृहमंत्री ऐलेन जोहानसन ने संगठन पर प्रतिबंध लगाए जाने के कारण तो नहीं बताए लेकिन कहा फ़ैसला कठिन ज़रूर है, लेकिन आतंकवाद से निपटने के लिए बेहद ज़रूरी.

इस्लाम फ़ॉर यूके के नेता अंजम चौधरी ने हिंसा में किसी तरह की भूमिका से इंकार किया है और अपने अनुयायियों से कहा है कि वो अब प्रतिबंधित नामों के तहत काम न करें लेकिन वो इस्लाम के प्रचार को नहीं रोकेंगे.

संबंधित समाचार