'खून और धूल से पुते हुए लोग'

  • 13 जनवरी 2010
Image caption मलबे में लोग अभी भी दबे हुए हैं और चीख पुकार सुनाई दे रही है.

कैरिबियाई देश हेती में आए भयंकर भूकंप में मरनेवालों की संख्या अब हज़ारों में पहुंच रही है. राजधानी पोर्ट-ओ-प्रिंस को भारी क्षति पहुंची है और चारों तरफ़ जैसा कि आमतौर पर होता है बिल्कुल अफ़रातफ़री का माहौल है.

कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने माहौल को इस तरह से चित्रित किया है:

जोसेफ़ गायलर डेल्वा, संवाददाता, रॉयटर्स: ``सबकुछ मानो हिल रहा था, लोग चीख रहे थे, मकान धराशायी हो रहे थे. मैने मलबे के नीचे लोगों को दबा हुआ देखा, मरे हुए लोगों को देखा. लोग जीसस, जीसस चिल्लाते हुए हर दिशा में भाग रहे थे.’’

हेनरी बान, हेती में मौजूद अमरीकी कृषि विभाग के अधिकारी: ``मैं अपने होटल की तरफ़ बढ़ रहा था जब ज़मीन अचानक से हिलने लगी. मैने कुछ दूर से आती हुई ज़ोर की आवाज़ें और चीखें सुनीं. एक इलाका जहां पहले कई इमारतें बनी हुई थीं अब मलबा और गिरी हुई दीवारों का ढेर नज़र आता है.’’

वैलरी मॉलियर, पंद्रह वर्षीय बालिका: `` स्थिति काफ़ी बुरी थी. मैं खड़ी भी नहीं हो पा रही थी. मेरे पिता को मुझे उठाकर घर से बाहर निकालना पड़ा. अभी चारों तरफ़ मुझे एक दूसरे से गले लगकर रोते बिलखते लोग नज़र आ रहे हैं. मैं टूटे, बिखरे हुए घर देख रही हूं और चलते हुए लोगों को देख रही हूं जिनका पूरा चेहरा और शरीर ख़ून से पुता हुआ है.’’

रचमनि डोमरसैंट, चैरिटी संस्था के ऑपरेशंस मैनेजर: ``रात में इस हादसे के होने से स्थिति और ख़राब है. मैने सात या आठ बड़ी बड़ी उंची इमारतों को, जिनमें होटल और दुकानें हैं, गिरा पाया है. चारों तरफ़ धूल के बादल छाए हुए थे.’’

कैरल पेड्रे, पोर्ट-ओ-प्रिंस में टीवी और रेडियो प्रस्तुतकर्ता: ``भूकंप के 15-20 मिनट बाद भी झटके आते रहे. अंधेरे की वजह से घबराहट और ज़्यादा बढ़ रही थी. बिजली नहीं है, टेलीफ़ोन नेटवर्क टूटे हुए हैं, लोग अपने परिवारजनों और दोस्तों से संपर्क नहीं कर पा रहे.’’

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