हेती में हज़ारों के मरने की आशंका

हेती के प्रधानमंत्री जीन मैक्स बेलेरिवे ने कहा है कि मंगलवार की शाम आए भूकंप में मरने वालों की संख्या एक लाख से अधिक हो सकती है. दूसरी ओर राष्ट्रपति रेने प्रेवाल ने कहा है कि भूकंप से देश को 'अकल्पनीय नुक़सान' हुआ है.

रेडक्रॉस का कहना है कि भूकंप से तीस लाख लोग प्रभावित हुए हैं.

हालांकि अभी तक स्पष्ट नही हुआ है कि इस भीषण भूकंप ने कितने लोगों की जान ली है क्योंकि राजधानी पोर्ट-ओ-प्रिंस का बड़ा हिस्सा तबाह हो गया है और पता नहीं कितने ही लोग मलबे के नीचे दबे हुए हैं.

स्थानीय निवासी मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. उन्होंने घायलों को अस्पताल पहुँचाया है और मृत लोगों को निकालकर कपडे़ ढककर सड़कों के किनारे रखा गया है.

इस बीच पोर्ट-ओ-प्रिंस में हज़ारों लोग भूकंप के बाद की दूसरी रात बिना छत गुज़ार रहे हैं.

इस बीच दुनिया भर के कई देशों से वहाँ सहायता और राहत सामग्री पहुँचनी शुरु हो गई है.

तबाही और मौतें

ध्वस्त राष्ट्रपति भवन

राष्ट्रपति भवन पहले (ऊपर) और भूकंप के बाद

राष्ट्रपति रेने प्रेवाल ने कहा है कि राजधानी में संसद भवन नष्ट हो गया है, टैक्स कार्यालय, अस्पताल और स्कूल भवन नष्ट हो गए हैं.

उन्होंने कहा है कि स्कूलों की बहुत सी इमारतों में बहुत से लोग दबे हुए हो सकते हैं.

रेने प्रेवाल ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र की इमारत के ध्वस्त होने से स्थाईकरण मिशन के प्रमुख हेदी अनाबी की मौत हो गई है.

हालांकि संयुक्त राष्ट्र ने इसकी पुष्टि नहीं की है लेकिन कहा है कि जिस समय भूकंप आया उस समय हेदी अनाबी वहाँ मौजूद थे. हो सकता है कि वे मलबे में कहीं फँसे हुए होंगे.

इस बीच संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि हेती में शांति मिशन में काम करने वाले नौ हज़ार लोगों में से सौ से दो सौ लोगों का अभी भी पता नहीं है.

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून ने शांति मिशन में काम करने वाले 16 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है.

इसके अलावा वहाँ रोमन कैथोलिक चर्च के आर्चबिशप की भी मौत हो गई है.

पोर्ट-ओ-प्रिंस की जेल की इमारत भी ध्वस्त हो गई है और ख़बरें हैं कि वहाँ से बहुत से क़ैदी फ़रार हो गए हैं.

राहत और बचाव कार्य

इस बीच राहत और बचाव कार्य तेज़ी से चल रहा है.

राहत सामग्री

कई देशों से राहत सामग्री पहुँच रही है

हेती की राजधानी में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से बीबीसी संवाददाता ने ख़बर दी है कि वहाँ हवाई जहाज़ राहत सामग्री लेकर पहुँच रहे हैं.

लेकिन उनका कहना है कि जितनी सहायता पहुँच रही है, ज़रुरत उससे कहीं अधिक की है, ख़ासकर राहत-बचाव दल के लोगों की.

इस बीच विश्वबैंक ने दुनिया के सबसे ग़रीब देशों में से एक हेती को दस करोड़ डॉलर की अतिरिक्त आपात सहायता देने की घोषणा की है.

अमरीका ने भी पूरी सहायता का आश्वासन दिया है.

राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अमरीकी की ओर से पूरी सहायता की घोषणा करते हुए हेती के भूकंप को 'क्रूर और समझ से परे' बताया है.

अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन और रक्षा मंत्री रॉबर्ट गेट्स दोनों ने अपना दौरा कार्यक्रम रद्द कर दिया है और राहत-बचाव कार्य की निगरानी करने के लिए लौट रहे हैं.

इस बीच अमरीका का एक विमानवाहक पोत दो दिनों के भीतर हेती के क़रीब पहुँच रहा है. इस बीच कई छोटी नौकाएँ राहतसामग्री और बचाव दलों को लेकर रवाना हो चुकी हैं.

इस बीच अंतरराष्ट्रीय विकास पर अमरीकी एजेंसी (यूएसएड) के राजीव शाह ने कहा है कि विशेषज्ञों का दल हेती रवाना किए जा चुके हैं.

रेडक्रॉस जिनेवा से एक राहत दल रवाना कर रहा है जबकि संयुक्त राष्ट्र खाद्य मिशन की ओर से दो विमानों में खाद्य सामग्री वहाँ भेजी जा रही है.

विनाशकारी भूकंप

ढह गईं इमारतें

विशेषज्ञों का कहना है कि ग़रीबी की वजह से हेती की इमारतों का निर्माण अच्छा नहीं था और इसलिए नुक़सान अधिक हुआ

भूकंप मंगलवार को स्थानीय समय के अनुसार शाम चार बजकर 53 मिनट पर आया था.

इसके बाद वहाँ दर्जन भर झटके और महसूस किए गए.

वैज्ञानिकों का कहना है कि सात की तीव्रता वाला यह भूकंप इसलिए इतना विनाशकारी साबित हुआ क्योंकि भूकंप का केंद्र भूतल से सिर्फ़ दस किलोमीटर नीचे स्थित था.

इससे धरती बुरी तरह से काँपी और ख़राब ढंग से बनी इमारतें इन झटकों को सह नहीं पाईं.

हालांकि हेती कई तरह की आपदाएँ झेलता रहा है कि लेकिन भूकंप के झटके वहाँ के लिए कोई आम घटना नहीं है.

वहाँ सौ साल में ऐसा कोई भूकंप नहीं आया था.

वैज्ञानिकों का कहना है कि इन सालों में हेती के नीचे मौजूद 'फॉल्ट लाइन' में गतिविधियाँ चल रही थीं और 'टेक्टॉनिक प्लेटें' विपरीत दिशा में सरक रही थीं.

जब भूकंप आया तो वहाँ आसमान में धूल ही धूल दिखाई देने लगी और राजधानी पोर्ट-ओ-प्रिंस में हर कोने से चीख़ने-चिल्लाने की आवाज़ें आती रहीं.

संवाददाताओं का कहना है कि अब ये आवाज़ें करुण रुदन में बदल चुकी हैं.

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.