'अल क़ायदा का ख़तरा, हवाई सुरक्षा कड़ी'

  • 15 जनवरी 2010
अमरीकी हवाई अड्डा

अमरीका ने हवाई सुरक्षा और कड़ी करने की घोषणा की है. अमरीका का कहना है कि यमन में अल क़ायदा की ओर से एयरलाइंस पर हमलों की योजनाएँ बनाई जा रही हैं.

जो नए क़दम उठाए जाने हैं उनमें यात्रियों की स्क्रीनिंग यानी संपूर्ण शारीरिक जाँच और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में अतिरिक्त मार्शल तैनात किए जाने जैसे क़दम शामिल हैं.

ये सुरक्षा क़दम उस समय उठाए जा रहे हैं जब नाइजीरिया के एक युवक उमर फ़ारुक़ अब्दुल मुत्तलिब पर अमरीका के एक विमान में क्रिसमस के दिन विस्फोट करने की असफल कोशिश के आरोप लगे हैं.

ये भी आरोप लगे हैं कि उन्हें यमन में अल क़ायदा की ओर से प्रशिक्षण दिया गया था. ब्रिटेन तो यहाँ तक कह चुका है कि यमन अल क़ायदा चरमपंथियों की शरणस्थली बनता जा रहा है.

इस घटना के बाद अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने पूरी सुरक्षा व्यवस्था पर पुन: विचार करने का आदेश दिया था.

'अल क़ायदा का ख़तरा'

अमरीका के होमलैंड सुरक्षा मंत्री जैनेट नैपोलिटैनो के अनुसार, "अमरीका अतिरिक्त हवाई सुरक्षा क़दम उठा रहा है ताकि अमरीकियों की सुरक्षा की जा सके."

उनका ये भी कहना था, "इन क़दमों में स्क्रीनिंग यानी संपूर्ण शारीरिक जाँच और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में अतिरिक्त मार्शल तैनात करना शामिल है. साथ ही उन लोगों के नाम आतंकवाद सतर्कता सूची में जोड़े जा रहे हैं जिनके बारे में चिंताजनक सूचना मिली है.

अमरीका ने यात्रियों से कहा है कि वे इन क़दमों के कारण यात्रा के दौरान अतिरिक्त समय लगने को ध्यान में रखें.

होमलैंड सुरक्षा मंत्री का कहना था कि अल क़ायदा का ख़तरा लगातार बना हुआ है और वह एक दृढ़ निश्चय वाला दुश्मन है.

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