हेती में 56 करोड़ डॉलर की ज़रुरत

  • 16 जनवरी 2010
बचाव कार्य
Image caption बचाव कार्य चल रहा है लेकिन उसकी रफ़्तार बहुत धीमी है

हेती में भूकंप पीड़ितों की मदद के लिए संयुक्त राष्ट्र ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से 56 करोड़ डॉलर की मदद जुटाने की अपील की है.

संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता मामलों के प्रमुख जॉन होम्स ने कहा है कि यह राशि 30 लाख लोगों को छह महीने तक राहत देने के लिए उपयोग में लाई जाएगी.

अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा है कि वे शनिवार को हेती का दौरा करेंगीं.

इस बीच बचाव और राहत दल मलबे में दबे लोगों को निकालने की कोशिशों में जुटा हुआ है.

मंगलवार की शाम हेती में आए भूकंप ने राजधानी पोर्ट-ओ-प्रिंस को तबाह कर दिया है. अनुमान है कि इसमें 50 हज़ार से अधिक लोग मारे गए हैं. अधिकारियों का कहना है कि मरने वालों की संख्या बहुत अधिक भी हो सकती है.

अपील

Image caption पोर्ट-ओ-प्रिंस में कई जगह लूटमार की ख़बरें भी मिली है. ऐसे ही कुछ लुटेरे पुलिस हिरासत में

संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि सहायता के रुप में जो राशि दी जाएगी उसका उपयोग खाना, दवाइयों और राहत शिविर बनाने में की जाएगी.

जॉन होम्स ने कहा है कि अब तक 36 करोड़ डॉलर की सहायता की घोषणा की जा चुकी है.

लेकिन इस राशि में से कुछ ही अभी मिल सकेगी क्योंकि इसमें से बड़ा हिस्सा लंबी अवधि में पुनर्निर्माण में खर्च होना है.

उन्होंने संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में पत्रकारों को बताया कि राहत सामग्री लेकर विमान लगातार पोर्ट-ओ-प्रिंस के क्षतिग्रस्त हवाई अड्डे पर पहुँच रहे हैं.

उन्होंने कहा कि राहत सामग्री को पीड़ितों तक पहुँचाने की कोशिशें भी लगातार जारी हैं लेकिन अवरुद्ध मार्गों और ईंधन की कमी से इसमें बाधा आ रही है.

राहत और बचाव

अमरीकी अधिकारियों ने पोर्ट-ओ-प्रिंस के विमानतल का नियंत्रण अस्थाई रुप से अपने हाथों में ले लिया है जिससे कि दुनिया भर से पहुँच रही राहत सामग्री को जल्द से जल्द पीड़ितों और ज़रुरतमंदों तक पहुँचाने की व्यवस्था की जा सके.

विमानतल से हेलिकॉप्टरों में राहत सामग्री पीड़ितों तक पहुँचाने का काम चल रहा है.

अमरीकी सेना के एक प्रवक्ता ने कहा है कि हेती का प्रशासन लोगों तक महत्वपूर्ण सूचनाएँ पहुँचाने में बड़ी मदद कर रहा है.

लेकिन संवाददाताओं का कहना है कि भूकंप के तीन दिन बाद भी टेंट, कंबल, खाना, पानी और दवाइयाँ जैसी कई महत्वपूर्ण चीज़ें अभी भी विमानतल में अटकी पड़ी हैं.

अस्पतालों में हज़ारों घायलों का इलाज चल रहा है और अब वहाँ जगह नहीं बची है.

लाशों का ढेर लगा हुआ है और उन्हें दफ़नाने का महत्वपूर्ण कार्य बचा हुआ है.

इस बीच मलबे के बीच लोगों के फँसे होने की ख़बरें मिल रही हैं और बचाव दल उन्हें निकालने के प्रयासों में जुटा हुआ है.

बीबीसी के संवाददाता मैथ्यू प्राइस का कहना है कि एक नर्सिंग कॉलेज भूकंप में ध्वस्त हो गया है. लेकिन मलबे के बाहर खड़ी एक महिला कर्मचारी बताती हैं कि मलबे के भीतर 260 लोंगों की लाशें हैं और अभी भी कोई 25 लोग जीवित हैं.

ब्राज़ील का एक बचाव दल उन तक पहुँचने का प्रयास कर रहा है लेकिन पूरी प्रक्रिया बहुत धीमी है.

समाचार एजेंसी एएफ़पी से प्रधानमंत्री जीन मैक्स बेलेरीवे ने कहा है कि अब तक 15 हज़ार लोगों के शव मलबे से निकाले जा चुके हैं.

अमरीकी सहायता

Image caption अमरीका ने हेती के नागरिकों को अपने देश में 18 महीनों के लिए आने की इजाज़त दी है

कई दिनों की कोशिशों के बाद आख़िर अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और हेती के राष्ट्रपति रेने प्रेवल के बीच टेलीफ़ोन पर चर्चा हो सकी है.

राष्ट्रपति ओबामा ने एक बार फिर दोहराया है कि अमरीका हेती को तत्काल और लंबे समय तक हर संभव सहायता उपलब्ध करवाएगा.

अमरीका का एक विमान वाहक पोत हेती पहुँच चुका है. इस पोत में हेलीकॉप्टर हैं, ऑपरेशन थिएटर हैं और बड़ी मात्रा में पीने का पानी बनाने की क्षमता है.

अधिकारियों का कहना है कि सोमवार तक हेती में सहायता के लिए पहुँचे अमरीकियों की संख्या दस हज़ार तक हो जाएगी.

अमरीका ने हेती दसियों हज़ार अवैध अप्रवासियों को अपने देश में अस्थाई रुप से रहने और काम करने की अनुमति दी है.

फ़िलहाल यह अनुमति 18 महीनों के लिए हैं.

फ़्रांस ने कहा है कि अगर हेती के लोगों को किसी तरह की चिकित्सकीय सहायता की ज़रुरत है तो वे उन्हें अपने देश में आने की अनुमति देंगे.

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