हेती सबसे भीषण आपदा: संयुक्त राष्ट्र

  • 16 जनवरी 2010
ट्रकों में शवों
Image caption ट्रकों में हज़ारों शवों को कब्रिस्तान ले जाया जा रहा है

संयुक्त राष्ट्र ने हेती में आए भूकंप को अपने इतिहास की सबसे भीषण आपदा बताया है. संगठन का कहना है कि वहाँ स्थानीय सरकार पूरी तरह से निष्क्रिय हो गई है और मूलभूत ढांचा ध्वस्त हो गया है.

अब तक प्राप्त जानकारी के अनुसार वहाँ 50 हज़ार से अधिक लोग मारे गए हैं और अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन स्थिति का जायज़ा लेने के लिए वहाँ ख़ुद पहुँच रही हैं.

रविवार को संयु्क्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून भी हेती के लोगों के समर्थन में वहाँ पहुँच रहे हैं.

हेती में भूकंप पीड़ितों की मदद के लिए संयुक्त राष्ट्र ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से 56 करोड़ डॉलर की मदद की अपील की है.

चार दिन से प्राथमिक चिकित्सा नहीं

Image caption पोर्ट-ओ-प्रिंस में कई जगह लूटमार की ख़बरें भी मिली है

संयुक्त राष्ट्र ने अपने बयान में कहा है कि हेती का हवाई अड्डा खचाखच भरा हुआ है, सड़कों पर यातायात मुश्किल है और अस्पतालों में या तो डॉक्टर हैं ही नहीं या फिर कुछ एक डॉक्टर ही मौजूद हैं.

भूकंप के चार दिन बाद भी दसियों हज़ार ऐसे घायल लोग मौजूद हैं जिन्हें को प्राथमिक चिकित्सा नहीं मिली है.

राजधानी पोर्ट-ओ-प्रिंस में सभी सार्वजनिक स्थानों पर बेघर लोग नज़र आ रहे हैं जिनके पास न दो खाद्य सामग्री है और न ही पीने के लिए पानी है.

संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि राजधानी के बाहर लेयोगेन शहर में लगभग 90 प्रतिशत इमारतें नष्ट हो गई हैं.

हेती में तनाव

पोर्ट-ओ-प्रिंस से शहर के बाहर ट्रकों में सैक़ड़ों शवों को सामूहिक कब्रों तक ले जाया जा रहा है.

लेकिन अभी भी शंका जताई जा रही है कि हज़ारों शव मलबे के नीचे दबे हुए हैं.

लेकिन जहाँ एक ओर हज़ारों लोग खाद्य सामग्री और राहत के इंतज़ार में हैं वहीं कुछ जगहों से लोगों के बीच खाद्य पदार्थों के लिए झड़पों की ख़बरें मिली हैं.

कुछ जगहों से लूटपाट की ख़बरें भी मिल रही हैं और हेती में तनाव बढ़ रहा है.

एक वरिष्ठ संयुक्त राष्ट्र अधिकारी एलेंन ले रॉय का कहना है, "ये सुनिश्चित करना ज़रूरी है कि हेती में स्थिति और न बिगड़े. यदि राहत सामग्री पीड़ितों तक जल्द से जल्द नहीं पहुँचती तो भूख से मुश्किलें बढ़ सकती हैं."

संयु्क्त राष्ट्र ने पोर्ट-ओ-प्रिंस में अपने पुलिस और सेन्य सदस्यों की संख्या बढ़ाई है और जो शहर में गश्त लगा रहे हैं.

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