ग्वांतानामो: '47 क़ैदियों को अनिश्चितकाल तक रखें'

Image caption अधिकारियों का कहना है ग्वांतानामो 'जेल में 47 क़ैदी अत्यंत ख़तरनाक' हैं

अमरीका का न्याय मंत्रालय ग्वांतानामो बे की जेल को ओबामा प्रशासन के आदेशानुसार बंद करने के प्रयासों में लगा हुआ है. लेकिन न्याय मंत्रालय ने सिफ़ारिश की है कि जेल में क़ैद 47 लोगों को वहाँ अनिश्चितकाल के लिए रखा जाना चाहिए.

अधिकारियों का कहना है कि ये क़ैदी 'बहुत ही ख़तरनाक हैं' और इन्हें रिहा नहीं किया जा सकता है और 'न ही इनके ख़िलाफ़ मुकदमा' चलाया जा सकता है.

उनका तर्क है कि रिहाई या मुकदमे से अत्यंत गोपनीय जानकारी सार्वजनिक हो जाएगी.

सिफ़ारिश की गई है 35 अन्य क़ैदियों के ख़िलाफ़ मुकदमा चलाया जाना चाहिए, फिर ये चाहे संघीय अदालतों में चलाया जाए या फिर सैन्य अदालतों में.

बाक़ी के 110 क़ैदियों की अंतत: रिहाई की सिफ़ारिश की गई है.

ग़ौरतलब है कि राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ग्वांतानामो बे जेल को बंद करने के लिए 22 जनवरी की समयसीमा रखी थी.

मानवाधिकार गुटों को निराशा होगी

अमरीकी अख़बार वॉशिंगटन पोस्ट के अनुसार न्याय मंत्रालय की टीम ने जिन 110 क़ैदियों की रिहाई की सिफ़ारिश की है, उनमें से यमन के 30 नागरिकों समेत 80 को तत्काल रिहा किया जा सकता है.

अमरीकी कांग्रेस के आदेशानुसार केवल उन्हीं लोगों को अमरीका की धरती पर लाया जा सकता है जिनके ख़िलाफ़ मुकदमा चलाया जाना हो.

इसीलिए जिन लोगों को बिना मुकदमा चलाए अनिश्चितकाल के लिए ग्वांतानामों में क़ैद करके रखा जाना है, उनके मुद्दे का समाधान अभी खोजा जाना बाक़ी है.

बीबीसी के एडम ब्रुक्स का कहना है कि न्याय मंत्रालय की इस सिफ़ारिश से मानवाधिकार संगठनों को निराशा होगी और इससे राष्ट्रति ओबामा के कई समर्थकों को भी निराशा होगी जिन्हें उम्मीद थी कि वे बिना मुकदमा चलाए क़ैद में रखने के चलन को बंद करेंगे.

उधर राष्ट्रपति कार्यालय के एक अधिकारी का कहना था कि यह केवल सिफ़ारिश है और यदि ओबामा चाहें तो वे इसे अस्वीकार भी कर सकते हैं.

न्याय मंत्रालय की टीम की सिफ़ारिशों पर राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद पुनिर्विचार करेगी.

ओबामा प्रशासन के कार्यकाल में 40 क़ैदियों को पहले ही जेल से बाहर भेजा जा चुका है.

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