इराक़ी बम डिटेक्टर पर विवाद

इराक़
Image caption बीबीसी की जाँच के बाद विवाद और गहरा गया है

इराक़ में एक ब्रितानी कंपनी से ख़रीदे गए बम डिटेक्टर पर चल रहा विवाद गहरा गया है.

इराक़ के आंतरिक सुरक्षा मंत्रालय का कहना है कि एडीई-651 नाम का ये बम डिटेक्टर बिल्कुल ठीक तरीक़े से काम करता है, इससे किसी भी तरह के विस्फोटक की पहचान की जा सकती है.

लेकिन बीबीसी की जाँच में ये बात सामने आई थी कि बम डिटेक्टर बिल्कुल बेकार है और इसमें शक्तिशाली बम डिटेक्टर की जगह एक ऐसा टैग लगा है जिसका इस्तेमाल आमतौर पर गली-मुहल्लों की दुकानों में चोरों को पकड़ने में किया जाता है.

आरोप ये भी है कि एडीई-651 के नाकाम रहने की वजह से ही इराक़ में पिछले साल तीन बार आत्मघाती ट्रक बम सुरक्षा चौकी की निगरानी से बच निकले और इनमें हुए धमाकों में सैकड़ों बेगुनाह मारे गए.

बीबीसी की जाँच के बाद ब्रिटेन की सरकार ने एडीई-651 के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया और इसे बेचने वाली एटीएसई नाम की कंपनी के निदेशक जिम मैककॉरमिक को गिरफ़्तार कर लिया गया, हालांकि बाद में उन्हें ज़मानत पर रिहा कर दिया गया.

इस्तेमाल

बीबीसी की जाँच रिपोर्ट के बावजूद अब भी बगदाद में एडीई-651 का सुरक्षा चौकियों पर धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा है.

बम डिटेक्टर के बचाव में इराक के आंतरिक सुरक्षा मंत्री का कहना है कि एडीई-651 ने अब तक 16 हज़ार बम पकड़े हैं जिनमें 700 कार बम भी शामिल हैं.

उनका ये भी कहना था कि इस मशीन को बेकार कहना बेबुनियाद है क्योंकि इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि इसे इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति कितना प्रशिक्षित है.

एडीई-651 नाम के इस विवादित बम डिटेक्टर की ख़रीद में हुई धांधली की जाँच के लिए कई इराक़ी एजेंसियां काम कर रही हैं.

प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने ख़ुद इस घोटाले की जाँच के आदेश जारी किए हैं.

हालांकि प्रधानमंत्री कार्यालय जाँच पूरी होने से पहले इस पर कोई बयान देने से बच रहा है.

जाँच

तथ्य ये है कि बीबीसी न्यूज़ नाइट की टीम ने एडीई-651 में इस्तेमाल हो रहे कार्ड की जब कैंब्रिज यूनिवर्सिटी की कंप्यूटर लेबोरेटरी में जाँच कराई तो इसका सच सामने आ गया.

Image caption आरोप है कि ख़राब डिटेक्टर की वजह से कई धमाके हुए

टीएनटी जैसे ख़तरनाक विस्फोटक की पहचान का दावा करने वाले इस उपकरण में दरअसल ऐसे टैग लगे थे जिनसे गली-मुहल्लों की मामूली चोरी ही पकड़ी जा सकती थी, ख़तरनाक बम नहीं.

इराक़ के आंतरिक सुरक्षा मंत्रालय ने एडीई-651 के बचाव में कहा है कि इराक़ सुरक्षा उपकरणों का काफ़ी बड़ा बाज़ार है.

यहाँ ऐसे सुरक्षा उपकरणों को बेचने के लिए तगड़ी प्रतियोगिता भी है. इसी वजह से सुरक्षा उपकरण बनाने वाली प्रतिद्वंद्वी कंपनियाँ जान-बूझकर एडीई-651 की छवि ख़राब कर रही हैं ताकि इराक़ की सरकार इन्हें ख़रीदना बंद कर दे.

आंतरिक सुरक्षा मंत्रालय के एक सैन्य अधिकारी जनरल जिहाद अल जबिरी ने बीबीसी को बताया, "हमने इस बम डिटेक्टर की कई तरह से जाँच की है और इसे पूरी तरह कामयाब पाया है. इस डिटेक्टर की बदौलत हमने हज़ारों बम हमलों को नाकाम किया है."

इन सबके बावजूद इराक़ी सरकार इन आरोपों की जाँच करा रही है.

संबंधित समाचार