फ़्रांस में नक़ाब पर पाबंदी की सिफ़ारिश

नक़ाब
Image caption फ़्रांस सरकार का कहना है कि उनके देश में केवल 1900 महिलाएँ नक़ाब पहनती हैं

फ़्रांस में एक संसदीय समिति ने सार्वजनिक स्थलों पर मुस्लिम महिलाओं के नक़ाब पहनने पर रोक लगाए जाने की सिफ़ारिश की है.

समिति ने रिपोर्ट में कहा है कि मुस्लिम महिलाओं पर अस्पतालों, स्कूलों और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में नक़ाब पहनने पर पाबंदी लगाई जानी चाहिए.

समिति ने साथ ही कहा है कि जो भी व्यक्ति खुले रूप से कट्टर धार्मिक व्यवहार करता हुआ दिखाई दे, उनको फ़्रांस में बसने देने के लिए निवास कार्ड या वहाँ की नागरिकता देने से मना कर दिया जाना चाहिए.

रिपोर्ट में कहा गया है कि महिलाओं का चेहरा छिपाकर रखना फ़्रांस गणतंत्र में धर्मनिरपेक्षता और समानता के सिद्धांत से मेल नहीं खाता.

समिति ने अपनी लगभग 200 पन्नों की रिपोर्ट में कहा है,"पूरी तरह से पर्दा हमारे गणतंत्र के लिए एक चुनौती है. इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता. हमें इस ज़्यादती की भर्त्सना करनी ही चाहिए."

फ़्रांस के गृह मंत्रालय के अनुसार फ़्रांस में चेहरे समेत पूरा शरीर ढँक कर रखनेवाली मुस्लिम महिलाओं की संख्या केवल 1900 है.

नक़ाब पर पाबंदी लगाने को लेकर फ़्रांस में राजनीतिक दलों में भारी मतभेद है.

विपक्षी सोशलिस्ट नक़ाब पर रोक लगाने का विरोध करते हैं मगर राष्ट्रपति निकोला सारकोज़ी की पार्टी इसके पक्ष में है.

बहस

Image caption सारकोज़ी नक़ाब का समर्थन नहीं करते मगर उन्होंने पाबंदी की भी बात नहीं की है

संसदीय समिति की रिपोर्ट कई महीनों तक चली सार्वजनिक बहस के बाद आई है जिसकी शुरूआत राष्ट्रपति सारकोज़ी के नक़ाब का विरोध करने से हुई थी.

सारकोज़ी ने हालाँकि पाबंदी की बात नहीं की थी और साथ ही कहा था कि ऐसा भी नहीं होना चाहिए कि किसी क़ानून से कोई स्वयं को कलंकित महसूस करने लगे.

वैसे सर्वेक्षणों के अनुसार फ़्रांस के अधिकतर लोगों का मत है कि नक़ाब पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया जाना चाहिए.

मगर संसदीय समिति ने अपनी रिपोर्ट में केवल कुछ स्थानों पर नक़ाब पर पाबंदी लगाने की अनुशंसा की है.

इस रिपोर्ट के बाद अब एक विधेयक का स्वरूप तैयार किया जाएगा जिसके बाद उसपर संसद में बहस होगी.

मुस्लिम महिलाएँ आम तौर पर शरीर ढँकने के लिए कई तरह के पर्दों का इस्तेमाल करती हैं जिनमें नक़ाब और बुर्क़ा सर्वाधिक प्रचलित है.

नक़ाब में सिर ढँका होता है और आम तौर पर केवल आँखें खुली रहती हैं. लेकिन आँखों पर भी पर्दा लगाया जा सकता है.

बुर्क़े में सारा शरीर और चेहरा ढँककर रखा जाता है और देखने के लिए एक जाली बनी होती है.

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