चीन में कुत्ता-बिल्ली खाने पर रोक

  • 27 जनवरी 2010
चीन में जानवरों के प्रति क्रूरता रोकने के लिए प्रदर्शन
Image caption चीन में मध्यमवर्ग में जानवरों को लेकर अनुराग पैदा होता दिख रहा है

चीन में विभिन्न प्रकार के जानवर का माँस खाने की एक परंपरा रही है. लेकिन कुत्ते और बिल्ली के मांस खाने पर रोक लगाने के सरकारी फ़ैसले ने वहाँ एक विवाद खड़ा कर दिया है.

चीन में विशेषज्ञ एक क़ानून का प्रारुप तैयार करने में लगे हुए हैं जिसके अनुसार जो व्यक्ति कुत्ते और बिल्ली का मांस खाते हुए पाया जाएगा उस पर जुर्माना हो सकता है.

यहाँ तक कि ऐसे व्यक्ति को 15 दिनों की जेल भी हो सकती है.

इस प्रावधान पर मीडिया और ऑनलाइन पर एक विवाद छिड़ गया है.

चीन सरकार ने जानवरों के प्रति क्रूरता रोकने के लिए ऐसा क़ानून बनाने का फ़ैसला किया है.

चीनी खाने में कुत्ते का मांस सदियों से परोसा जाता रहा है.

चीन के दक्षिण और पूर्वोत्तर हिस्से में यह अभी भी बहुत लोकप्रिय है और माना जाता है कि कुत्ते का मांस शरीर को गर्मी देता है और इसमें कई औषधीय गुण मौजूद होते हैं.

विश्लेषकों का कहना है कि इस क़ानून को अमल में लाना बहुत कठिन होगा क्योंकि एक तो यह पश्चिमी देशों के मूल्यों को चीन की संस्कृति पर लादने की कोशिश है और दूसरा यह अन्यायपूर्ण रुप से कुछ जानवरों को बचाने की कोशिश करता है.

लेकिन जानवरों के अधिकारों के लिए लड़ने वाले संगठनों और इंटरनेट का उपयोग करने वाले बहुत से लोगों का इसे समर्थन मिल रहा है.

जानवरों की चिंता को चीन में इससे पहले कभी प्राथमिकता नहीं दी गई थी लेकिन मध्यम वर्ग के बढ़ते प्रभाव के बाद ये सवाल उठने लगे हैं क्योंकि मध्यमवर्ग का बड़ा हिस्सा मानता है कि कुत्ते और बिल्ली प्यारे पालतू जानवर हैं न कि भोजन का हिस्सा.

चीन के सरकारी मीडिया ने कहा है कि इस क़ानून का प्रारुप संबंधित सरकारी विभाग को सौंप दिया जाएगा.

लेकिन यह नहीं बताया गया है कि यह प्रतिबंध कब से लागू होगा.

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