सूडान के राष्ट्रपति पर जूते से निशाना

  • 27 जनवरी 2010
ओमर अल बशीर
Image caption सूडान के राष्ट्रपति ओमर अल बशीर पर एक व्यक्ति ने जूता फेंक कर मारा.

राजनेताओं पर ग़ुस्सा उतारने के लिए जूता फेंकने का जैसे चलन सा हो गया है. सूडान के राष्ट्रपति ओमर अल बशीर जब एक सभा को संबोधित कर रहे थे तो एक व्यक्ति ने उनपर जूता फेंक कर मारा.

जूता निशाने पर तो नहीं लगा लेकिन राष्ट्रपति के सुरक्षा कर्मियों ने उसे तुरंत गिरफ़्तार कर लिया.

सूडान की सरकारी समाचार एजेंसी ने बताया कि अदल महजूब दरसल गंभीर मनोवैज्ञानिक समस्याओं का शिकार है और उसने जूता किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं फेंका था.

अरब संस्कृति में जूता फेंकना बहुत ही बेइज़्ज़ती की बात समझी जाती है.

अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज बुश जब 2008 में इराक़ गए थे तो उनपर भी एक पत्रकार ने जूता फेंक कर मारा था.

सूडान की सरकारी समाचार एजेंसी 'सुना' का कहना है कि अदल महजूब शिकायतों की एक सूची राष्ट्रपति बशीर को सौंपना चाहता था लेकिन उसे ऐसा करने से रोका गया.

बताया गया है कि इसकी उम्र 50 से अधिक होगी और वह बड़े अच्छे कपड़े हुए पहने था. जब सुरक्षा कर्मियों ने उसे अपनी सूची राष्ट्रपति को नहीं सौंपने दी तो वो ग़ुस्सा हो गया और उसने अपना जूता निकाल कर उनकी ओर दे मारा.

एक प्रत्यक्षदर्शी ने रॉएटर समाचार एजेंसी को बताया, "यह व्यक्ति मंच के क़रीब था लेकिन उसने जब जूता फेंका तो वो राष्ट्रपति तक नहीं पहुंच पाया".

एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, "गिरफ़्तारी के बाद भी वह शांत दिखाई दे रहा था".

प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि वो ख़ारतूम के एक सभागार में सामरिक योजना पर हो रहे एक सम्मेलन में भाग ले रहे थे.

अधिकारियों का कहना है कि जब महजूब का मनोवैज्ञानिक इलाज पूरा हो जाएगा तो उन्हे उनके परिवार के हवाले कर दिया जाएगा.

अप्रैल में सूडान में 1986 के बाद से पहली बार बहु दलीय चुनाव होने वाले हैं और राष्ट्रपति बशीर के फिर चुने जाने की पूरी संभावना है. जबकि उनके ख़िलाफ़ दारफ़ूर में हुए युद्धापराधों के सिलसिले में अंतर्राष्ट्रीय वॉरेंट जारी हो चुका है.

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