चीन में 'मीडिया पर नियंत्रण' बढ़ा

चीन
Image caption आईएफ़जे ने चीन से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट जारी की है

पत्रकारों के अंतरराष्ट्रीय फ़ेडरेशन ने आरोप लगाया है कि चीन ने मीडिया पर नियंत्रण की कोशिशें तेज़ कर दी है.

इंटरनेशनल फ़ेडरेशन ऑफ़ जर्नलिस्ट (आईएफ़जे) की एक विस्तृत रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2008 के ओलंपिक खेलों के बाद चीनी अधिकारियों ने पत्रकारों और मीडिया संस्थानों की नकेल कसना शुरू कर दिया है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि ख़ासकर सामाजिक अशांति और स्कैंडल पर रिपोर्ट लिखने को लेकर सैकड़ों नए नियम लागू कर दिए गए हैं.

आईएफ़जे के मुताबिक़ वर्ष 2008 में बच्चों के दूषित दूध पाउडर के मामले में रिपोर्टिंग करते समय सिर्फ़ आधिकारिक समाचार एजेंसी शिन्हुआ के हवाले से ही ख़बर छापने के लिए कहा गया था.

अनुमति नहीं

साथ ही उसी साल सिचुआन में आए भूकंप की रिपोर्टिंग के लिए पत्रकारों को वहाँ जाने की अनुमति नहीं दी गई थी.

हांगकांग में आईएफ़जे ने अपनी रिपोर्ट जारी की है. रिपोर्ट में अन्य प्रतिबंधों का ज़िक्र करते हुए बताया गया है कि कैरेबियन बीच पर अभिनेत्री ज़ांग ज़ियी की अर्धनग्न तस्वीर छापने पर भी पाबंदी लगाई गई थी.

चीन के कड़े रुख़ का हवाला देते हुए कहा गया है कि अधिकारी ऑनलाइन मीडिया को ख़ासकर निशाना बनाते हैं और कई बार उन्हें आधिकारिक मान्यता भी नहीं दी जाती.

सोशल नेटवर्किंग साइट भी कई बार अधिकारियों के निशाने पर रहते हैं. ख़ासकर वैसी स्थिति में जब ये साइट सार्वजनिक रूप से विरोध प्रदर्शन आयोजित करते हैं.

चीन ने अभी तक आईएफ़जे की रिपोर्ट पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

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