अमरीकी मिसाइल परीक्षण विफल

  • 2 फरवरी 2010
पेंटागन, अमरीकी रक्षा विभाग का मुख्यालय
Image caption अमरीका मानता है कि मध्यपूर्व में ईरान से बड़ा ख़तरा है

अमरीकी रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि उसने ईरान के संभावित हमले से रक्षा के लिए बनाए गए मिसाइल का परीक्षण किया है लेकिन यह विफल रहा है.

अधिकारियों का कहना है कि समुद्र स्थित रडार प्रणाली में आई ख़राबी की वजह से मिसाइल का निशाना सही नहीं लगा.

टारगेट मिसाइल, जिसे हमलावर के मिसाइल के रुप में देखा जा सकता है, को मार्शल द्वीप से दागा गया था. इंटरसेप्टर यानी बचाव प्रणाली के मिसाइल को कैलिफ़ोर्निया के वायुसैनिक अड्डे से दागा गया था.

15 करोड़ डॉलर का यह परीक्षण भले ही विफल हुआ है लेकिन इससे यह ज़ाहिर हुआ है कि अमरीका खाड़ी की ओर से संभावित ख़तरों से निपटने के लिए नई प्रतिरक्षा प्रणाली विकसित कर रहा है. विशेष रुप से ईरान की छोटी और मध्यम दूरी से मार करने वाली मिसाइलों के हमलों को रोकने के लिए.

इसमें ईरान के समुद्री तट के क़रीब विशेष पोतों की तैनाती और खाड़ी के कई देशों में मिसाइल रोधी प्रणाली की स्थापना शामिल है.

परीक्षण

Image caption ईरान की मिसाइलों को लेकर अमरीका चिंता जताता रहा है

प्रशांत महासागर के ऊपर किया गया अमरीका का यह मिसाइल परीक्षण ऐसे समय में किया गया है जब पेंटागन ने रिपोर्ट प्रकाशित की है कि ईरान बैलिस्टिक मिसाइलों की अपनी क्षमता में वृद्धि कर रहा है जिससे मध्य पूर्व में अमरीका और सहयोगी सेनाओं के लिए ख़तरा बढ़ गया है.

अधिकारियों ने कहा है कि टारगेट और इंटरसेप्टर दोनों मिसाइलों का प्रक्षेपण ठीक था लेकिन रडार के ठीक तरह से काम न करने की वजह से इंटरसेप्टर सही निशाना नहीं लगा सका.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार अमरीका ने पहली बार ईरान के संभावित हमलों को ध्यान में रखकर लंबी दूरी की प्रतिरक्षा प्रणाली का परीक्षण किया है.

इससे पहले अमरीका ने उत्तर कोरिया के मिसाइलों से प्रतिरक्षा के लिए इस तरह के परीक्षण किए हैं.

अमरीका सहित कई पश्चिमी देश ईरान की तरह उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चिंता जताते रहे हैं और इन दोनों देशों पर दबाव बनाते रहे हैं कि वे अपना परमाणु कार्यक्रम बंद कर दें.

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