अपने बयान पर क़ायम हूँ- शाहरुख़

शाहरुख़ ख़ान और काजोल
Image caption शाहरुख़ ख़ान और काजोल ने नैस्डैक के शेयर बाज़ार की घंटी बजाकर बाज़ार को खोला

पाकिस्तानी क्रिकेटरों के समर्थन में बयान देने के मामले में शाहरूख़ ख़ान का कहना है कि उन्होंने कोई ग़लत बात नहीं कही है और अगर उनको मौक़ा मिला तो उसे दोहराने में उन्हें कोई ऐतराज़ नहीं है.

न्यूयॉर्क में अपनी आने वाली फ़िल्म 'माई नेम इज़ ख़ान' के प्रचार के दौरान शाहरुख़ ख़ान ने कहा, “मैंने जो कुछ कहा, जिसको लेकर मुद्दा बना हुआ है, एक भारतवासी की हैसियत से कहा है, क्यूंकि हमारे देश में मेहमाननवाज़ी की परंपरा है और यह हमें बचपन से सिखाया जाता है."

उनका कहना था, "अगर किसी देश के साथ कोई परेशानी है तो उसका यह मतलब नहीं कि हम अपने बच्चों को ग़लत बातें सिखाएं. मुझे अफ़सोस है कि मेरी बातों से कुछ लोगों को दुख पहुँचा है. लेकिन मैंने कोई ग़लत बात नहीं कही है और में अपनी बात पर क़ायम हूं."

कुछ दिन पहले शाहरुख़ ने कहा था कि वे यह मानते हैं कि इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल के लिए पाकिस्तानी क्रिकेट खिलाडियों को भी लिया जाना चाहिए था.

शाहरुख़ ख़ान के इस बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीतिक पार्टी शिवसेना ने उनका ख़ासा विरोध किया था और ये भी कहा था कि अगर शाहरुख़ पाकिस्तानी खिलाड़ियों के समर्थन में बोलना चाहते हैं तो उन्हें पाकिस्तान में जाकर रहना चाहिए.

शिवसेना की चेतावनी के बावजूद ऐसा लगता है कि शाहरूख़ को इसकी कोई परवाह नहीं है और वो बड़े आराम से न्यूयॉर्क में 'माई नेम इज़ ख़ान' के प्रचार में लगे हुए हैं.

शाहरुख़ ने घंटी बजाई

शाहरूख़ ख़ान फ़िल्म में उनकी हिरोइन कजोल ने सोमवार को न्यूयॉर्क में सबसे पहले नैस्डैक के शेयर बाज़ार को घंटी बजा कर खोला जो कि किसी भारतीय फ़िल्म कलाकार को मिलने वाला ये पहला सम्मान है.

इस कार्यक्रम के बाद पत्रकार सम्मेलन में शाहरूख़ और कजोल ने फ़िल्म और अन्य मुद्दों पर चर्चा की.

उन्होंने कहा कि 'माई नेम इज़ ख़ान' अमरीका में उनके सुरक्षा से संबंधित अनुभवों के बारे में नहीं है बल्कि एक अलग फ़िल्म है.

Image caption शाहरुख़ ख़ान और काजोल अपनी फ़िल्म के प्रचार लिए न्यूयॉर्क में हैं

ग़ौरतलब है कि पिछले साल अगस्त महीने में शाहरुख़ को न्यूजर्सी के हवाई अड्डे पर कई घंटों तक सुरक्षा कारणों से रोका गया था.

उन्होंने यह भी बताया कि इस बार उन्हें अमरीका आने में ज़्यादा परेशानी नहीं हुई. वैसे उन्होंने इस बार न्यूयॉर्क आने से पहले वहां स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क करके सारी तैयारियाँ कर ली थीं.

सुरक्षा जाँच के बारे में शाहरुख़ कहते हैं, “मुझे किसी भी देश में जाकर वहां के क़ानून मानने में कोई परेशानी नहीं है. मुझे तो दुनिया भर में कई हवाई अड्डों पर पच्चीसों बार रोका गया है. अमरीका ही नहीं फ़्रांस, लंदन और अन्य कई शहरों में भी मुझे अतिरिक्त सुरक्षा जांच के लिए रोका गया है.”

'माई नेम इज़ ख़ान' के बारे में उन्होंने कहा, "यह एक अलग तरह की रोमांटिक फ़िल्म है और इसमें असल जीवन को चित्रित किया गया है, जो ग्यारह सितंबर के हमलों से जुड़ा है. इसमें यह भी दिखाया गया है कि किस प्रकार उससे कई लोगों के जीवन पर असर पड़ा."

लेकिन वह कहते हैं कि इस फ़िल्म से स्लमडॉग मिलियनेयर जैसी कामयाबी की उम्मीद नहीं करनी चाहिए.

इस फ़िल्म की ज़्यादातर शूटिंग अमरीका में ही हुई है और 12 फ़रवरी को यह अमरीका सहित दुनिया भर में रिलीज़ की जाएगी.

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