हमले का आरोप 'झूठा निकला'

  • 3 फरवरी 2010
ऑस्ट्रेलिया में भारतीय छात्रों का प्रदर्शन
Image caption ऑस्ट्रेलिया में हो रहे हमलों पर भारत ने चिंता ज़ाहिर की है

ऑस्ट्रेलियाई पुलिस का कहना है कि उस भारतीय ने अपने ऊपर हमले की झूठी कहानी गढ़ी थी जिसने कहा था कि चार लोगों ने उस पर हमला किया फिर आग लगाकर भाग गए.

पुलिस का कहना है कि यह बीमा की राशि वसूलने के लिए गढ़ी गई कहानी थी.

अधिकारियों का कहना है कि अपनी कार को आग लगाते समय दुर्घटनावश जल गए 29 वर्षीय जसप्रीत के ख़िलाफ़ आपराधिक नुक़सान पहुँचाने और पुलिस से झूठ बोलने का आरोप है.

हालांकि जसप्रीत सिंह ने इन आरोपों को झूठा बताया है. वे अगले महीने अदालत में पेश होंगे.

यह घटना उस समय हुई है जब ऑस्ट्रेलिया में भारतीयों पर लगातार हमले हो रहे हैं. अब तक सौ से अधिक हमले हो चुके हैं जिसमें ज़्यादातर भारतीय छात्रों को निशाना बनाया गया है.

कहानी पर शक

पिछले महीने की शुरुआत में मेलबर्न के बाहरी इलाक़े में जसप्रीत की कार जलती हुई मिली थी और वे ख़ुद 15 प्रतिशत जल गए थे.

उन्होंने पुलिस से कहा था कि चार लोगों ने उन पर घात लगाकर हमला किया और फिर उनकी कार में आग लगा दी.

इस कथित हमले की ख़बर को भारतीय मीडिया में बहुत तूल दी गई थी और कहा गया था कि यह ऑस्ट्रेलिया में भारतीयों पर हो रहे हमलों का एक और सबूत है.

ख़ुफ़िया अधिकारियों का कहना है कि जसप्रीत ने ख़ुद अपनी कार को आग लगाई थी जिससे कि वह अपनी बीमा कंपनी से बीमा की राशि वसूल कर सके.

उनका कहना है कि इस दौरान में दुर्घटनावश ख़ुद घायल हो गए.

चिकित्सा विशेषज्ञों का भी कहना है कि जिस तरह के ज़ख़्म उनको आए हैं, उनके वाहन और कपड़ों को जिस तरह की क्षति पहुँची है वह भी उनकी कहानी की पुष्टि नहीं करते.

ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों ने माना था कि भारतीयों पर हुए हमलों में से कुछ नस्लवादी हो सकते हैं लेकिन ज़्यादातर लूटपाट की आम घटनाएँ हैं.

भारत सरकार की चिंता और कड़ी आपत्ति के बाद ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने वहाँ गए 90 हज़ार भारतीय छात्रों की सुरक्षा का आश्वासन दिया है.

संबंधित समाचार