दलाई लामा पर चीन को दो टूक जवाब

दलाई लामा
Image caption दलाई लामा इस महीने के अंत में अमरीका की यात्रा पर जाने वाले हैं

अमरीका ने कहा है कि चीन की चेतावनी के बावजूद अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा तिब्बत के निर्वासित नेता दलाई लामा से मिलेंगे.

व्हाइट हाउस के प्रवक्ता बिल बर्टन ने कहा है कि राष्ट्रपति ओबामा ने पिछले साला अपनी बीजिंग यात्रा के दौरान चीनी नेताओं को बता दिया था कि वे तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा से मिलेंगे.

चीन ने दलाई लामा को 'अलगाववादी गुट का नेता' बताते हुए कहा था कि अगर अमरीकी राष्ट्रपति उनसे मिलते हैं तो दोनों देशों के संबंधों पर 'गंभीर असर' पड़ेगा.

हालांकि इस मुलाक़ात की कोई तारीख़ नहीं बताई गई है लेकिन यह मुलाक़ात इस महीने के अंत में होनी है.

बिल बर्टन ने कहा है, "दलाई लामा अंतरराष्ट्रीय ख़्यातिप्राप्त धार्मिक और आध्यात्मिक नेता हैं और राष्ट्रपति ओबामा उनसे उसी तरह मिलेंगे."

दलाई लामा इस महीने के अंत में वॉशिंगटन जाने वाले हैं.

संवाददाताओं का कहना है कि चीन नहीं चाहता कि चीनी राष्ट्रपति हू जिंताओ के अप्रैल में प्रस्तावित अमरीका दौरे से पहले ऐसी कोई अप्रिय स्थिति पैदा हो.

विवाद

हालांकि ऐसा विवाद पहली बार नहीं हो रहा है. इससे पहले जॉर्ज बुश के कार्यकाल में भी दलाई लामा को लेकर ऐसा विवाद हो चुका है.

अमरीका और चीन के बीच इसे लेकर एक और विवाद खड़ा होता दिखाई पड़ रहा है.

हाल ही में कई मसलों पर दोनों देशों के बीच विवाद हुआ है.

इसमें सबसे ताज़ा मसला ताइवान को हथियार बेचने की अमरीकी योजना का है, जिस पर चीन ने कड़ी आपत्ति जताई थी.

दूसरा अमरीकी इंटरनेट कंपनी गूगल और चीन की सरकार के बीच चल रहा तनाव है. गूगल ने आरोप लगाया है कि चीन में गूगूल मेल को हैक किया जा रहा है, ख़ासकर उन लोगों के जो मानवाधिकार कार्यकर्ता हैं.

गूगल ने इन शिकायतों के बाद चीन में अपना कारोबार समेटने की धमकी दी थी और अमरीका ने चीन के इस रवैये पर नाराज़गी जताई थी.

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