परमाणु ईंधन पर समझौता क़रीब

मनुचेहर मोत्तकी
Image caption मनुचेहर मोत्तकी ने समझौते की उम्मीद जताई

ईरान के विदेश मंत्री मनुचेहर मोत्तकी ने कहा है कि ईरान परमाणु ईंधन के बदले कम संवर्धित यूरेनियम बाहर भेजने के मुद्दे पर समझौते के क़रीब है.

म्युनिख में एक सुरक्षा सम्मेलन में मनुचेहर मोत्तकी ने कहा कि इस पर समझौता ज़्यादा दूर नहीं है.

चीन का भी कहना है कि इस बारे में बातचीत महत्वपूर्ण दौर में है. ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर प्रतिबंध का चीन विरोध करता रहा है.

मनुचेहर मोत्तकी के बयान पर पश्चिमी प्रतिनिधियों की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

इस सम्मेलन में मनुचेहर मोत्तकी ने कहा कि ईरान यह फ़ैसला करेगा कि उसे कितना यूरेनियम बाहर भेजना है.

दुनिया के छह शक्तिशाली देशों ने पिछले साल अक्तूबर में पहली बार इस समझौते की पेशकश की थी. ये देश चाहते हैं कि ईरान यूरेनियम का संवर्धन उस हद तक करे, जिससे उसका इस्तेमाल परमाणु बम के लिए न हो.

ईरान हमेशा से यह कहता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण कार्यों के लिए है.

उम्मीद

समझौते के बारे में ईरानी विदेश मंत्री ने कहा, "मेरा मानना है कि मौजूदा स्थिति में हम उस दिशा में बढ़ रहे हैं, जब यह समझौता सभी पक्षों को मान्य होगा. ईरान ने यह जता दिया है कि वह इस मामले में कितना गंभीर है."

ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने हाल ही में संकेत दिया था कि वे संवर्धन के यूरेनियम बाहर भेजने के विचार को मंज़ूरी दे सकते हैं.

हाल के दिनों में अमरीका, ब्रिटेन और फ़्रांस ईरान पर पाबंदी लगाने की ज़ोर-शोर से पैरवी कर रहे हैं, लेकिन चीन इसका विरोध करता रहा है.

म्युनिख सम्मेलन में हिस्सा लेते हुए चीन के विदेश मंत्री यांग जियेची ने कहा कि बेहतर समाधान ये है कि बातचीत और सलाह-मशविरा पर ध्यान केंद्रित रखा जाए.

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